Patna: राजधानी पटना के गर्दनीबाग में स्थापित ‘बापू टावर’ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों, दर्शन और स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को जीवंत करने वाला प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। भवन निर्माण विभाग द्वारा तैयार किया गया यह बहुमंजिला संग्रहालय न केवल पर्यटकों को लुभा रहा है, बल्कि शोधार्थियों और युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत साबित हो रहा है। हाल ही में वरिष्ठ सांसद एवं प्रसिद्ध लेखक शशि थरूर ने इस परिसर का भ्रमण किया और इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर का संग्रहालय बताते हुए यहां मौजूद डियोरामा, इमर्सिव सिनेमा तथा ऐतिहासिक आर्काइव की सराहना की।
आधुनिक तकनीक और ऑडियो-विजुअल से जीवंत हुआ गांधी का सफर
बापू टावर में महात्मा गांधी के 1917 के ऐतिहासिक चंपारण सत्याग्रह से लेकर देश की आजादी तक के घटनाक्रम को आधुनिक डिजिटल माध्यमों से दर्शाया गया है। यहां स्थापित विशाल ऑडिटोरियम, म्यूरल्स, कलात्मक मूर्तियों और लघु फिल्मों के जरिए दर्शक गांधीजी के सिद्धांतों को गहराई से समझ सकते हैं। संग्रहालय की बनावट इस तरह तैयार की गई है कि आगंतुक तकनीक और इतिहास के अनूठे तालमेल के बीच घंटों समय बिताकर बापू की जीवन यात्रा से सीधे जुड़ सकें।
गांधी फिल्म फेस्टिवल में उमड़ी दर्शकों की भीड़
गांधीजी के जीवन और संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए यहां समय-समय पर विशेष आयोजनों की श्रृंखला चलाई जा रही है। इसी कड़ी में 9 से 11 सितंबर 2026 तक तीन दिवसीय “गांधी फिल्म फेस्टिवल” का आयोजन किया गया, जिसमें उनके जीवन और सत्याग्रह पर आधारित चुनिंदा फिल्मों का प्रदर्शन हुआ। इस आयोजन में पहुंचे शिक्षकों, युवाओं और बुद्धिजीवियों ने इसे आज की पीढ़ी को सत्य और अहिंसा के मूल्यों से रूबरू कराने का एक प्रभावी प्रयास बताया।
सांस्कृतिक और वैचारिक विमर्श का नया केंद्र बना सभागार
पर्यटन को गति देने के साथ-साथ बापू टावर का सभागार वर्तमान में राज्य के प्रमुख राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक सम्मेलनों का भी केंद्र बन रहा है। यहां आने वाले लोगों का मानना है कि यह परिसर समाज के अंतिम व्यक्ति तक बापू के संदेशों को पहुंचाने के विजन को मजबूती दे रहा है।




