Kolkata: 21वीं सदी में विज्ञान और तकनीक के चाहे जितने दावे कर लिए जाएं, लेकिन जब अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र का वहशीपन इंसान के सिर पर सवार होता है, तो सबसे पहले रिश्ते ही बलि चढ़ते हैं। घर के मंदिर में देवी की पूजा के नाम पर अपनों का ही खून बहा देना यह साबित करता है कि आस्था जब अंधता बन जाए, तो वह सबसे बड़ा अपराध बन जाती है।
पश्चिम बंगाल के बांकुरा में खौफनाक वारदात
बांकुरा जिले में रोंगटे खड़े कर देने वाला दोहरा हत्याकांड सामने आया है। दामोदर नदी के किनारे बसे लाल बाबा मनाचर इलाके में एक शख्स ने कथित तौर पर अपनी पत्नी की नृशंस हत्या कर दी और उसका सिर धड़ से अलग कर घर के भीतर बने मंदिर में त्रिशूल के सामने चढ़ा दिया। इसके बाद आरोपी ने अपने पिता पर भी हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी हाथ में खून से सना चाकू लेकर गांव में घूमने लगा, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। यह क्षेत्र बांकुरा के सोनामुखी और पश्चिम बर्धमान के कांक्सा पुलिस स्टेशन की सीमा पर स्थित है।
पहले खुद की उंगली काटी, फिर पत्नी और पिता पर किया हमला
स्थानीय सूत्रों और पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान मंगल चौधरी के रूप में हुई है। उस पर अपनी पत्नी रुंपा चौधरी और पिता राजेंद्र चौधरी की निर्मम हत्या का आरोप है। प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती बयानों के मुताबिक, वारदात से पहले मंगल ने खुद अपनी एक उंगली काट ली थी। इसके तुरंत बाद उसने धारदार हथियार से पत्नी पर वार किया, उसका सिर काटा और पूजा स्थल पर रख दिया। बीच-बचाव करने या सामने आने पर उसने अपने बुजुर्ग पिता राजेंद्र चौधरी की भी जान ले ली।
अस्पताल में भर्ती कराया गया आरोपी, तंत्र-मंत्र का गहराया शक
घटना के बाद आरोपी मंगल चौधरी को उसकी कटी हुई उंगली के उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, चिकित्सीय निगरानी में होने के कारण उसे तत्काल अदालत में पेश नहीं किया जा सका है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी और उसकी पत्नी घर के मंदिर में नियमित तौर पर विशेष पूजा-पाठ करते थे और एक तांत्रिक का उनके घर लगातार आना-जाना था। इन दावों के आधार पर पुलिस इस जघन्य हत्याकांड के पीछे तांत्रिक क्रियाओं और अंधविश्वास के कोण की भी बारीकी से जांच कर रही है, हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि होना बाकी है।





