रांची: JPSC और JSSC परीक्षाओं में गड़बड़ी की CBI जांच और विवादित परीक्षाओं को रद्द करने की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन 24वें दिन भी जारी है। आज यानी 17 अगस्त को दोपहर 2 बजे सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच बातचीत होनी है।
वार्ता से पहले नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कई सवाल पूछे हैं। उन्होंने JSSC-CGL मामले में अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होने को लेकर सरकार पर सवाल उठाया है।
एक के बाद एक रोज हो रहे हैरान कर देने वाले ख़ुलासे के बावजूद कोर्ट के आदेश की गलत व्याख्या कर JSSC-CGL को रद्द करने में मजबूरी बता रही झारखंड सरकार को JSSC के प्रभारी चेयरमैन आईएएस प्रशांत कुमार और सचिव सुधीर गुप्ता को फ़ौरन पद से मुक्त कर उनपर एफआईआर और कारवाई न करने में कौन सी… https://t.co/E8C95p30nf
— Babulal Marandi (@yourBabulal) August 17, 2026
अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
बाबूलाल मरांडी ने JSSC के प्रभारी चेयरमैन IAS प्रशांत कुमार और सचिव सुधीर गुप्ता पर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर परीक्षा रद्द करने में कोर्ट के आदेश की वजह से परेशानी है, तो अधिकारियों को पद से हटाने और FIR दर्ज करने में क्या परेशानी है।
उन्होंने JSSC के पूर्व अध्यक्ष नीरज सिन्हा के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर भी सवाल उठाया। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि JPSC मामले में इस्तीफा देने वाले ख्यांगते को गिरफ्तार किया गया, लेकिन JSSC मामले में इस्तीफा देने वाले नीरज सिन्हा पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
सरकार पर दोहरे रवैये का आरोप
बाबूलाल मरांडी ने सवाल किया कि क्या IAS और IPS अधिकारी होने के कारण दोनों मामलों में अलग-अलग कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाया।
उन्होंने कहा कि अगर सरकार की नीयत साफ है तो परीक्षा में गड़बड़ी से जुड़े लोगों पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने नौकरी के लिए पैसे देने के आरोपों में सामने आए नामों की जांच और FIR दर्ज करने की मांग की।
CBI जांच की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने JPSC और JSSC से जुड़े सभी विवादित मामलों की जांच CBI से कराने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि सरकार को सिर्फ आंदोलन खत्म कराने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, बल्कि छात्रों के सवालों का जवाब भी देना चाहिए।
आज होगी सरकार और छात्रों की बैठक
सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच आज दोपहर 2 बजे वार्ता प्रस्तावित है। अब सभी की नजर इस बैठक पर है। देखना होगा कि सरकार छात्रों की मांगों पर क्या फैसला लेती है और क्या लंबे समय से चल रहे आंदोलन को खत्म करने का कोई रास्ता निकलता है।
इससे पहले रविवार को आंदोलनकारी छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी का पुतला जलाकर विरोध जताया था।




