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रिम्स-2 की स्थापना और सड़कों के जाल के लिए अरबों की मंजूरी, आदिम जनजातियों को 150 दिन रोजगार

रांची: झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में झारखण्ड मंत्रालय (सचिवालय) में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के चौमुखी विकास, प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण, बुनियादी ढांचे के विस्तार और जन कल्याण से जुड़े कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। कैबिनेट की इस महत्वपूर्ण बैठक में

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रांची: झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में झारखण्ड मंत्रालय (सचिवालय) में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के चौमुखी विकास, प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण, बुनियादी ढांचे के विस्तार और जन कल्याण से जुड़े कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। कैबिनेट की इस महत्वपूर्ण बैठक में कुल 28 प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई। इसमें स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए ‘राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान II’ (RIMS 2) की स्थापना के लिए अरबों रुपये की भारी-भरकम प्रशासनिक स्वीकृति देने के साथ-साथ राज्य की परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए विभिन्न जिलों में सड़क चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए करोड़ों के प्रस्ताव पास किए गए। इसके अलावा, आदिम जनजाति समूहों के कल्याण, सरकारी कर्मचारियों के लिए नई नियमावलियों के गठन और दिल्ली में होने वाले ‘नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन-2026’ के आयोजन को भी कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दे दी है।

स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल: रिम्स-2 की स्थापना को मंजूरी

राज्य सरकार ने झारखण्ड की स्वास्थ्य व्यवस्था को वैश्विक स्तर का बनाने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट ने ‘राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान II’ (RIMS 2) की स्थापना से जुड़े प्रस्ताव को अपनी प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। इस महात्वाकांक्षी परियोजना के लिए कुल ₹41,89,41,26,604 (इकतालीस अरब नवासी करोड़ इकतालीस लाख छब्बीस हजार छह सौ चार रुपये) की भारी राशि मंजूर की गई है। इस पूरी योजना के बेहतर कार्यान्वयन और समयबद्ध प्रगति की निगरानी के लिए ‘JAGRITI PMU’ के गठन को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही, वित्त नियमावली के नियम-235 के प्रावधानों को शिथिल करते हुए नियम-245 के तहत भारतीय प्रबंध संस्थान (IIM) रांची को ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में और एक्सआईएसएस (XISS) रांची को इसके ‘इम्पैक्ट असेसमेंट’ (प्रभाव मूल्यांकन) के लिए मनोनयन के आधार पर कार्य आवंटित करने की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई है।

चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ा एक और बड़ा फैसला लेते हुए राज्य के मेडिकल कॉलेजों, अस्पतालों और चिकित्सकीय संस्थानों में इंटर्नशिप कर रहे विदेशी आयुर्विज्ञान स्नातकों (Foreign Medical Graduates) को बड़ी राहत दी गई है। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC), नई दिल्ली के दिशा-निर्देशों के आलोक में अब इन्हें ‘स्टेट मेडिकल काउंसिल’ में रजिस्ट्रेशन के दौरान स्टाइपेंड (वृत्तिका) की सुविधा दी जाएगी। वहीं, दूसरी ओर चाईबासा के बन्दगाँव अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र कराईकेला के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शशिकांत प्रसाद को उनके कार्यों में लापरवाही या अनुशासनहीनता के चलते सेवा से बर्खास्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी विस्तार करते हुए, झारखंड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम 2024 के तहत बोकारो के चंदनकियारी में ‘पेमिया ऋषिकेश विश्वविद्यालय’ की स्थापना के लिए लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) जारी करने की स्वीकृति दी गई है।

आदिम जनजातियों (PVTG) को मनरेगा के तहत अब 150 दिनों का रोजगार

कमजोर और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े आदिम जनजाति समूहों (PVTG) के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कैबिनेट ने एक संवेदनशील और बड़ा फैसला लिया है। अब झारखण्ड में मनरेगा के अंतर्गत रोजगार सृजन में आदिम जनजाति परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में मिलने वाले अनिवार्य 100 दिनों के रोजगार के अतिरिक्त 50 दिनों का अतिरिक्त रोजगार प्रदान किया जाएगा। यानी अब इन परिवारों को साल में कुल 150 दिनों का सुनिश्चित रोजगार मिल सकेगा। इसके अलावा बैठक में ‘वीबी-जी रामजी’ (VB-G RAM G) योजना पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया और सम्यक समीक्षा के उपरांत मंत्रिपरिषद ने इस पर अपनी सैद्धांतिक सहमति प्रदान कर दी है।

बुनियादी ढांचा और सड़क नेटवर्क का कायाकल्प: अरबों रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति

राज्य में सड़क और परिवहन संपर्क (कनेक्टिविटी) को मजबूत करने के लिए मंत्रिपरिषद ने कई जिलों के लिए बड़ी योजनाओं को मंजूरी दी है:

  • रांची (बिरसा चौक से धुर्वा): रांची पथ प्रमंडल के तहत बिरसा चौक-धुर्वा गोलचक्कर-प्रोजेक्ट बिल्डिंग पथ के धुर्वा गोलचक्कर से पुलिस हेडक्वार्टर तक के कुल 2.697 किलोमीटर पथांश के चौड़ीकरण, मजबूतीकरण और सौंदर्यकरण के लिए ₹36,30,33,200 मंजूर किए गए हैं। इस परियोजना में सड़क के साथ-साथ साइकिल ट्रैक का निर्माण, यूटिलिटी शिफ्टिंग, हॉर्टिकल्चर (1 साल के रख-रखाव के साथ), जन सुविधाएं, पर्यावरण प्रबंधन योजना (EMP) और बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण का कार्य शामिल होगा।

  • दुमका (गोविन्दपुर-साहेबगंज ADB रोड): दुमका पथ प्रमंडल के अंतर्गत ‘गोविन्दपुर-साहेबगंज ADB पथ (SH-18)’ के किलोमीटर 139.00 से 190.930 तक (कुल लंबाई 51.930 किमी) की सड़क को पेव्ड शोल्डर के साथ दो लेन (2-lane with paved shoulder) में चौड़ीकरण, मजबूतीकरण और पुनर्निर्माण कार्य के लिए ₹221,40,21,000 की भारी राशि स्वीकृत की गई है।

  • साहेबगंज (गोपलांडीह से भोगनाडीह): साहेबगंज पथ प्रमंडल के अंतर्गत ‘SH-18 ADB पथ गोपलांडीह से RCD पथ भोगनाडीह तक’ कुल 3.725 किलोमीटर मार्ग के निर्माण कार्य (भू-अर्जन और वृक्षारोपण सहित) के लिए ₹88,84,62,500 की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।

  • चतरा (सिमरिया-टण्डवा पथ): चतरा पथ प्रमंडल के तहत “सिमरिया टण्डवा पथ (MDR-072)” के कुल 26.85 किलोमीटर हिस्से की राइडिंग क्वालिटी में सुधार (IRQP) लाने के कार्य के लिए ₹33,76,45,200 की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।

  • पाकुड़ (सड़क हस्तांतरण और निर्माण): पाकुड़ जिले के तहत ‘तलवा से खारू टोला पथ वाया सलपानी’ (11.770 किमी) और ‘चन्दना से श्रीधरपाड़ा लिंक पथ’ (6.140 किमी) को मिलाकर कुल 17.910 किलोमीटर लंबी ग्रामीण सड़क को ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित किया गया है। अब इस सड़क के पुनर्निर्माण, पुलों के निर्माण, पौधारोपण, भू-अर्जन और यूटिलिटी शिफ्टिंग कार्यों के लिए ₹128,20,34,500 की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।

प्रशासनिक और सेवा नियमावलियों में बड़े बदलाव

कैबिनेट ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली को सुगम और पारदर्शी बनाने के लिए कई नई नियमावलियों के गठन और संशोधनों को मंजूरी दी है:

  1. झारखंड योजना सेवा नियमावली, 2026 के गठन को हरी झंडी दी गई।

  2. झारखण्ड राज्य समाहरणालय लिपिकीय सम्वर्ग (भर्ती, प्रोन्नति एवं अन्य सेवा शर्तें) नियमावली-2026 के गठन को मंजूरी मिली।

  3. झारखण्ड राज्य निम्नवर्गीय लिपिक-सह-कम्प्यूटर संचालक सेवा सम्वर्ग (भर्ती, प्रोन्नति एवं अन्य सेवा शर्तें) नियमावली-2026 के गठन की भी स्वीकृति दी गई।

  4. प्रशासनिक सुधार: कार्मिक विभाग के संकल्प संख्या-6147 (दिनांक 07.11.2003) द्वारा विभागीय प्रोन्नति समिति (DPC) के गठन हेतु तय नीति निर्देशक सिद्धांतों और कार्य प्रणाली में संशोधन की स्वीकृति दी गई। इसके साथ ही कार्मिक विभाग के ही एक अन्य संकल्प संख्या-3286 (दिनांक 04.04.2014) में भी संशोधन को मंजूरी दी गई है।

  5. प्रखंडों में पदस्थापन: राज्य के प्रखण्डों और अंचलों में पदस्थापित झारखण्ड प्रशासनिक सेवा (झाप्रसे) के मूल कोटि के अधिकारियों का अब युक्तिसंगत (Rational) तबादला और पदस्थापन किया जाएगा, जिससे कार्यक्षमता में सुधार हो सके।

  6. शपथ अनिवार्य: झारखण्ड सरकार के अधीन अब जितने भी नवनियुक्त सरकारी सेवक नियुक्त होंगे, उनके लिए नियुक्ति-पत्र प्राप्त करने और पदभार ग्रहण करने के समय “निष्ठा एवं गोपनीयता की शपथ/प्रतिज्ञान” लेना अनिवार्य कर दिया गया है। कैबिनेट ने इसके आधिकारिक प्रारूप को भी मंजूरी दे दी है।

न्यायिक आदेशों का अनुपालन और कर्मियों को राहत

विभिन्न न्यायालयों द्वारा पारित आदेशों का सम्मान करते हुए कैबिनेट ने कई अधिकारियों और संविदा/सेवानिवृत्त कर्मियों को वित्तीय लाभ देने के फैसले किए हैं:

  • कृष्ण चन्द्र चौधरी मामला: माननीय उच्च न्यायालय द्वारा W.P. (S) No. 1172/2023 और अवमानना वाद संख्या 117/2025 में पारित न्यायादेश के अनुपालन में, तत्कालीन संयुक्त नियंत्रक, विधिक माप विज्ञान, रांची (सम्प्रति निलंबित) श्री कृष्ण चन्द्र चौधरी को उनके अतिरिक्त प्रभार की अवधि के लिए झारखण्ड सेवा संहिता के नियम-103 के तहत पद के निर्धारित वेतन का 20 प्रतिशत ‘Officiating Pay’ के रूप में अतिरिक्त वेतन निर्धारित करते हुए बकाया वेतन भुगतान की स्वीकृति दी गई है।

  • अखिलेश कुमार मामला: W.P.(S) No. 3340/2021 में पारित आदेश के अनुपालन में सचिवालय सेवा के कर्मी श्री अखिलेश कुमार को सहायक प्रशाखा पदाधिकारी से प्रशाखा पदाधिकारी (लेवल-8), प्रशाखा पदाधिकारी से अवर सचिव (लेवल-11) तथा अवर सचिव से उप सचिव कोटि (लेवल-12) में भूतलक्षी प्रभाव (बैक डेट) से प्रोन्नति देने की स्वीकृति दी गई है।

  • राम दुलारी देवी मामला: वाद संख्या WPS No. 4726/2025 के आलोक में स्वर्गीय जगदेव सदा की सेवा को नियमित और सम्पुष्ट करते हुए उन्हें देय ACP/MACP का वित्तीय लाभ प्रदान करने की मंजूरी दी गई।

  • खान पर्षद कर्मियों का पेंशन भुगतान: अवमानना वाद संख्या 310/2025 और W.P.(S) No. 1874/2022 के फैसले के तहत तत्कालीन खान पर्षद, हजारीबाग के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बकाया पेंशन भुगतान के लिए हजारीबाग नगर निगम और रामगढ़ नगर परिषद को जरूरी राशि आवंटित करने की मंजूरी दी गई।

अन्य महत्वपूर्ण निर्णय: बाणसागर समझौता और श्रावणी मेला

अंतर्राज्यीय जल विवाद और समन्वय के मामले में, बाणसागर परियोजना समझौता 1973 के तहत सोन नदी बेसिन के अंतर्गत पूर्ववर्ती बिहार राज्य को आवंटित 7.75 MAF जल का बिहार और झारखण्ड राज्य के बीच हुए अंतिम बंटवारे के प्रारूप और एकरारनामा (Agreement Draft) पर झारखण्ड सरकार ने अपनी आधिकारिक सहमति दे दी है। इसके अलावा, औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए सरायकेला-खरसावां जिले के सरायकेला अंचल स्थित मौजा-कोलाबिरा में 0.18 एकड़ सरकारी अनाबाद भूमि (किस्म-पुरानी परती) को औद्योगिक उपयोग के लिए मेसर्स फ्लिटगार्ड फिल्टर प्राइवेट लिमिटेड के साथ 30 वर्षों के लिए सशुल्क लीज बंदोबस्ती की मंजूरी दी गई है।

आगामी विश्वप्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला-2026 के दौरान देवघर और सुल्तानगंज-बासुकीनाथ मार्ग पर लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कैबिनेट ने 30 जुलाई 2026 से 28 अगस्त 2026 तक की अवधि के लिए कुल 28 अस्थायी मेला पुलिस आउटपोस्ट (OP) और 19 अस्थायी यातायात (ट्रैफिक) ओ०पी० के गठन की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। साथ ही, विधि विभाग द्वारा पूर्व में जारी ‘The Jharkhand Law Officer (Engagement) Rules, 2026’ पर घटनोत्तर स्वीकृति दी गई। अंत में, महालेखापरीक्षक (CAG) द्वारा मार्च 2023 को समाप्त अवधि के लिए तैयार राज्य राजस्व प्रतिवेदन को झारखण्ड विधानसभा के आगामी सत्र के पटल पर रखने की अनुमति भी दे दी गई है।

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