New Delhi: भारत की नंबर एक स्क्वाश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने कनाडा के ओंटारियो प्रांत में आयोजित विश्व जूनियर स्क्वाश चैंपियनशिप में इतिहास रच दिया। 18 वर्षीय अनाहत विश्व जूनियर स्क्वाश चैंपियनशिप का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। उन्होंने महिला एकल के फाइनल में मिस्र की रुकैया सलेम को 11-3, 11-7, 11-9 से हराकर यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की।
विश्व रैंकिंग में 20वें स्थान पर काबिज अनाहत ने ओंटारियो के नियाग्रा-ऑन-द-लेक में खेले गए फाइनल मुकाबले में शानदार प्रदर्शन किया। उनकी जीत के साथ ही महिला वर्ग में पिछले 15 वर्षों से चला आ रहा मिस्र का दबदबा भी समाप्त हो गया।
पीएम मोदी ने दी बधाई
A historic feat at the 2026 World Junior Squash Championship.
Proud of Anahat Singh for winning the Gold Medal and becoming the first Indian squash player ever to win the World Junior Championship title. This accomplishment will further popularise squash among the youth.… pic.twitter.com/NtvHnrKNDQ
— Narendra Modi (@narendramodi) July 26, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनाहत सिंह की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि 2026 वर्ल्ड जूनियर स्क्वाश चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर और विश्व जूनियर चैंपियन बनने वाली पहली भारतीय स्क्वाश खिलाड़ी बनने पर उन्हें अनाहत पर गर्व है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अनाहत की यह उपलब्धि देश के युवाओं के बीच स्क्वाश को और अधिक लोकप्रिय बनाएगी तथा नई पीढ़ी को इस खेल से जुड़ने की प्रेरणा देगी।
‘मुझे अब भी ऐसा लग रहा है जैसे मैं सपना देख रही हूं’
खिताब जीतने के बाद अनाहत सिंह ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा, “यह मेरे लिए बहुत मायने रखता है। मुझे अब भी ऐसा लग रहा है जैसे मैं सपना देख रही हूं। पिछले चार वर्षों से मैं सेमीफाइनल और क्वार्टर फाइनल में हार रही थी। यदि कोई मुझसे पूछता था तो मैं हमेशा कहती थी कि यह टूर्नामेंट मेरे लिए अभिशाप है और मैं यहां कभी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई।”
उन्होंने कहा कि इस जीत ने उनके वर्षों के संघर्ष को सफल बना दिया।
जूनियर सर्किट का आखिरी साल बना यादगार
अनाहत ने कहा कि जूनियर स्तर पर यह उनका आखिरी वर्ष था और इस खिताब को जीतने का यह अंतिम अवसर भी था। उन्होंने कहा, “जूनियर स्तर पर यह मेरा आखिरी वर्ष है और इसे जीतने का यह मेरे पास आखिरी मौका था। इसलिए यह जीत मेरे लिए बेहद खास है।”
उन्होंने बताया कि फाइनल मुकाबले में उतरते समय उन्होंने खुद पर अतिरिक्त दबाव नहीं लिया। उनका लक्ष्य सिर्फ अपने खेल का आनंद लेना था।
फाइनल के हर पल का उठाया आनंद
I couldn’t be prouder of this young champion, Anahat Singh, on winning the World Junior Squash Championships! 🇮🇳🏆
One of my favorite memories of Anahat goes back to 2022, when I had the opportunity to speak with her through OGQ. Even at that age, what stood out wasn’t just her… pic.twitter.com/R8RxUEcSR8
— PV Sindhu (@Pvsindhu1) July 26, 2026
अनाहत ने कहा, “मुझे पता था कि अगर मैं तनाव में रहूंगी तो अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाऊंगी। इसलिए मैं कोर्ट पर उतरी, अपने शॉट्स पर भरोसा किया और विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में खेलने के हर पल का आनंद लेने की कोशिश की।”
भारतीय स्क्वाश के लिए ऐतिहासिक क्षण : साइरस पोंचा
भारतीय स्क्वाश रैकेट्स महासंघ (SRFI) के महासचिव साइरस पोंचा ने अनाहत सिंह की जीत को भारतीय स्क्वाश के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि अनाहत में विश्व स्तर पर और भी ऊंचाइयों तक पहुंचने की क्षमता है।
पोंचा ने कहा कि एसआरएफआई के संरक्षक रहे दिवंगत एन. रामचंद्रन का सपना था कि भारत व्यक्तिगत स्पर्धाओं में विश्व चैंपियन तैयार करे। उन्होंने कहा कि युगल स्पर्धा में भारत पहले सफलता हासिल कर चुका था, लेकिन एकल वर्ग में यह उपलब्धि हासिल करना सचमुच सपना पूरा होने जैसा है।
उन्होंने कहा कि अनाहत की कड़ी मेहनत, समर्पण और पिछले कुछ वर्षों में पूरे देश से मिले समर्थन ने इस ऐतिहासिक सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।




