रांची। झारखंड आंदोलन के नेता और समाज सुधारक स्व. बिनोद बिहारी महतो तथा पूर्व सांसद-विधायक स्व. राज किशोर महतो की जयंती पर बुधवार को सिल्ली और रांची स्थित आजसू पार्टी मुख्यालय में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। आजसू पार्टी अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो ने दोनों नेताओं को श्रद्धांजलि दी और उनके विचारों एवं संघर्षों को याद किया।
बिनोद बिहारी महतो का जन्म 23 सितंबर 1923 को धनबाद के बलियापुर प्रखंड के बड़ादाहा गांव में हुआ था। वे झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेताओं में रहे और शिक्षा को सामाजिक बदलाव का माध्यम मानते थे। उनका ‘पढ़ो और लड़ो’ का संदेश आज भी याद किया जाता है।
राज किशोर महतो का जन्म 23 सितंबर 1946 को हुआ था। वे गिरिडीह से लोकसभा सांसद और टुंडी से विधायक रहे। 2014 में वे आजसू पार्टी के टिकट पर टुंडी विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित हुए थे।
रोजगार और परीक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
कार्यक्रम में सुदेश महतो ने कहा कि बिनोद बिहारी महतो के विचारों में शिक्षा, रोजगार, सामाजिक न्याय और आम लोगों के अधिकार महत्वपूर्ण थे। उन्होंने युवाओं के रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर चिंता जताई।
सुदेश महतो ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितता, प्रश्नपत्र लीक और भ्रष्टाचार के आरोपों से युवाओं में चिंता पैदा होती है। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता जरूरी है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने, नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में काम किया जाना चाहिए।
सिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में आजसू के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता, छात्र-छात्राएं और झारखंड आंदोलन से जुड़े लोग मौजूद रहे। वहीं, रांची स्थित पार्टी मुख्यालय में भी बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने दोनों नेताओं को श्रद्धांजलि दी।




