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झारखंड में ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ की शुरुआत, 545 अनुसूचित जनजाति बाहुल्य ग्रामों में विकास का नया अध्याय

Ranchi : झारखंड में जनजातीय समुदायों के समग्र विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की गई है। राँची जिला प्रशासन ने आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत जिला स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन समाहरणालय, ब्लॉक-ए सभागार में किया। कार्यक्रम का शुभारंभ उप विकास आयुक्त सौरभ

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Ranchi : झारखंड में जनजातीय समुदायों के समग्र विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की गई है। राँची जिला प्रशासन ने आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत जिला स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन समाहरणालय, ब्लॉक-ए सभागार में किया। कार्यक्रम का शुभारंभ उप विकास आयुक्त सौरभ भुवनिया ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य राँची जिले के 545 अनुसूचित जनजाति (अ.ज.जा.) बाहुल्य ग्रामों में शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, संस्कृति संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को बढ़ावा देकर सामाजिक-आर्थिक बदलाव लाना है। उप विकास आयुक्त ने कहा कि “आदि कर्मयोगी अभियान न केवल जनजातीय समुदायों के सशक्तीकरण का माध्यम है, बल्कि यह उत्तरदायी शासन और सामुदायिक विकास का मॉडल भी प्रस्तुत करता है।”

अभियान के प्रमुख उद्देश्यों में पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त करना, महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना, स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देना, शिक्षा और कौशल विकास को गति देना, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य और स्वच्छता सेवाओं को मजबूत करना तथा जनजातीय संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करना शामिल है। इसके साथ ही स्थानीय संसाधनों का टिकाऊ उपयोग और पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर दिया गया।

कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, ग्राम पंचायत प्रतिनिधि और स्वयंसेवी संगठन शामिल हुए। परियोजना निदेशक आईटीडीए राँची संजय कुमार भगत, निदेशक डीआरडीए सुदर्शन मुर्मू, जिला शिक्षा पदाधिकारी विनय कुमार, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सुरभि सिंह समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।

उन्मुखीकरण कार्यशाला के दौरान हितधारकों को अभियान की कार्ययोजना और रणनीतियों की जानकारी दी गई। इसमें ग्राम पंचायतों और स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का रोडमैप प्रस्तुत किया गया। साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं जैसे पीएमजीएसवाई और एनआरएलएम के अंतर्गत संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर बल दिया गया।

अभियान से अपेक्षित परिणामों में ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, बिजली और स्वच्छ पेयजल की बेहतर उपलब्धता, महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार अवसरों में वृद्धि, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में सुधार तथा स्थानीय समुदायों में नेतृत्व क्षमता का विकास शामिल है।

कार्यक्रम के अंत में सभी पदाधिकारियों ने शपथ ली कि वे आदिवासी समुदायों के समग्र विकास, जनभागीदारी और उत्तरदायी शासन की दिशा में पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करेंगे। उप विकास आयुक्त ने कहा कि आदि कर्मयोगी अभियान केवल राँची ही नहीं बल्कि पूरे झारखंड के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

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