रांची: झारखंड की राजधानी रांची में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली व पेपर लीक के विरोध में चल रहा छात्र आंदोलन उग्र रूप धारण कर चुका है। शुक्रवार को प्रदर्शन के 14वें दिन अभ्यर्थियों के समर्थन में निकाले गए विधानसभा मार्च के दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर एक अज्ञात युवक ने काली स्याही फेंक दी। इस अचानक हुए हमले के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और प्रदर्शनकारियों ने जोरदार हंगामा शुरू कर दिया।
घटना के तुरंत बाद मुस्तैद पुलिस प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए स्याही फेंकने वाले युवक को हिरासत में ले लिया और उसे थाने ले जाकर पूछताछ शुरू कर दी है। स्याही हमले के बाद मीडिया से बात करते हुए नेहा बोरा ने कहा कि दिल्ली में हुए आंदोलनों के दौरान जब वे आंसू गैस और पैलेट गन से नहीं डरीं, तो ऐसी छोटी-मोटी हरकतों से पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे छात्रों के हक, पारदर्शी परीक्षाओं और ब्लैकलिस्टेड प्राइवेट एजेंसियों को हटाने की मांग को लेकर मजबूती से खड़ी रहेंगी।
दूसरी ओर, आंदोलनकारी छात्रों की ओर से गठित ‘JPSC-JSSC अभ्यर्थी न्याय मंच’ ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के समक्ष अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपने के लिए 7 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल सूची (Delegation List) जारी की है। इस प्रतिनिधिमंडल में रामावतार महतो, दीनबंधु मंडल, चंदन कुमार, रवि शंकर, प्रेम कुमार, अमित कुमार और विमल कुमार शामिल हैं। यह टीम जल्द ही मुख्यमंत्री से मुलाकात कर परीक्षा सुधार और निष्पक्ष जांच की मांग रखेगी।




