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बोकारो में महिला हिंसा पर गूंजा विरोध, जुलूस निकाल सौंपा ज्ञापन

Bokaro news:- ऑल इंडिया महिला सांस्कृतिक संगठन, चन्दनकियारी ने चन्दनकियारी के शहीद चौक से प्रखण्ड कार्यालय चन्दनकियारी तक जुलूस प्रदर्शन कर शुक्रवार को प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को पुर्ण शराब बंदी, भ्रूण हत्या पर पूर्णतः रोक, महिला और बच्ची के साथ बढ़ती सामुहिक बलात्कारी व हत्याराओं

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Bokaro news:- ऑल इंडिया महिला सांस्कृतिक संगठन, चन्दनकियारी ने चन्दनकियारी के शहीद चौक से प्रखण्ड कार्यालय चन्दनकियारी तक जुलूस प्रदर्शन कर शुक्रवार को प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को पुर्ण शराब बंदी, भ्रूण हत्या पर पूर्णतः रोक, महिला और बच्ची के साथ बढ़ती सामुहिक बलात्कारी व हत्याराओं का फांसी की सजा, महिलाओं को डायन के नाम पर उत्पिड़न व बढ़ती हत्या बंद की जाय, महिलाओं की समान काम की समान वेतन की गारंटी, सोशल मीडिया एवं बेवसाइट तथा सिनेमा आदि में अश्लीलता पर पुर्णत: रोक, सभी स्कीम वार्कर, सेविका सहिया तथा मीड डे मील कर्मचारी को सरकारी कर्मचारी की दर्जा जैसी सवालों पर मांग पत्र ज्ञापन सौंपी।

वहीं स्कीम वार्कर फेडरेशन ऑफ इंडिया झारखण्ड प्रभारी लिली दास ने अपने सम्बोधन में कही कि देश आजाद के लिए महिलाओं ने अग्रिणी भूमिका निभाई, आजादी के 79 वें साल में देश गुजर रही है। लेकिन हम महिलाएं आजाद नहीं हुए हैं। छाती में पत्थर लेकर सांस लेने जैसी आज भी जिने के लिए विवस हो रही है। महिला जन्म नहीं लेती पितृसत्तात्मक भारत में महिला बनाई जाती है।

हम महिलाएं घर की झाड़ू,पौंछा बच्चे की देखभाल ही मुख्य कार्य बनी हुई है। भयावाह समाज में अगर हम महिलाएं इक्का-दुक्का बाहर निकलती है तो क्या क्या घटनाएं व हिंसा होती है। पड़ोस से लेकर पुरे देश परिचित है। सरकार से मांग है कि महिलाओं को आजादी का हिस्सा दी जाय।

वहीं नुनीवाला उरांव ने कही कि महिलाओं की प्रताड़ना व निर्गमन हत्या तथा असमानता करने की लगातार नई-नई रचना रची जा रही है। सिर्फ व सिर्फ चुनाव के समय नेताओं की संबोधन में समानता, नारी सशक्तिकरण, भय मुक्त समाज बानाने की सुनते तथा नेताओं की घोषणा पत्र पढ़ते हैं। बाकी समय हम महिलाएं हजारों साल पहले की जीवन जिने पर विवशता बनी हुई है। सरकार हमारी मांगों को साकारात्मक पहल नहीं करती है। तो चरणवद्ध तरिके से आन्दोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

वहीं गीता शर्मा ने कही कि हाल के कुछ वर्षों में झारखंड समेत देशभर में महिला हिंसा, दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न जैसी घटनाओं में इजाफा हुआ है। उन्होंने कही कि सरकार की पहली प्राथमिकता महिलाओं की सुरक्षा दी जाय।

मौके पर किसान नेता जगन्नाथ रजवार, डॉ. गोपाल चन्द्र महतो,राम लाल महतो, प्रदीप यादव,अनिल बाउरी, राजु रजवार, हाबु लाल महतो, विन्देश्वर महतो, रामु महतो,कमला देवी, अनिता देवी, सुमित्रा महतो, सुमित्रा बाउरी, अमावती देवी जोबा देवी, सारो देवी, मांदु देवी, रुपा देवी, नोनीवाला देवी, कल्याणी देवी, संध्या देवी, आरती देवी, सोनामनी देवी, सरस्वती देवी, झुमा राय, आशा देवी, सनका देवी, मालती देवी, रेखा देवी, माला देवी, कान्ति देवी, पुनम देवी, अलका देवी, शितला देवी ,मिलन देवी, अंजना देवी,मीरा देवी, अष्टमी देवी ,छाया देवी, शोभा देवी, पारु देवी, चंचला देवी, शोभा देवी आदि शामिल रहे।

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