रांची : राजधानी में त्योहारों की चमक और उल्लास के बीच खाकी का एक बेहद संवेदनशील और मानवीय चेहरा देखने को मिला है। शहर में अमन-चैन और भाईचारे की मिसाल कायम रखने में पुलिस का संबल बनने वाले शांति समिति के सदस्यों को कोतवाली थाना परिसर में गरिमामय तरीके से सम्मानित किया गया। दीपावली के पावन पर्व के उपलक्ष्य में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने सदस्यों को पारंपरिक रूप से शॉल ओढ़ाकर और मिठाई भेंट कर उनका आभार व्यक्त किया। रांची पुलिस की इस आत्मीय पहल की शहरभर में हर वर्ग द्वारा सराहना की जा रही है।
किसी भी बड़े पर्व या संवेदनशील मौके पर जब पूरा शहर उत्सव के रंग में डूबा होता है, तब ये नागरिक सुरक्षा बलों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सड़कों पर मुस्तैद रहते हैं। चाहे दुर्गापूजा की विशाल भीड़ को नियंत्रित करना हो, मोहर्रम के जुलूस में आपसी तालमेल बिठाना हो या दीपावली और छठ के दौरान सुरक्षा व सौहार्द का माहौल तैयार करना, शांति समिति के ये सदस्य हमेशा एक ढाल की तरह खड़े नजर आते हैं। अफवाहों पर विराम लगाना, मोहल्लों में आपसी संवाद बनाए रखना और छोटी-मोटी गलतफहमियों को समय रहते सुलझाना इनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहता है।
कोतवाली थाना परिसर में हुए इस सम्मान समारोह ने इन जमीनी स्तर के पहरेदारों के उत्साह को दोगुना कर दिया है। उपस्थित सदस्यों ने भावुक होते हुए कहा कि जब प्रशासन उनके निस्वार्थ योगदान को पहचानता है और सम्मान देता है, तो जिम्मेदारी का अहसास और गहरा हो जाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस तरह के सकारात्मक कदमों से समाज के अन्य प्रबुद्ध नागरिक, विशेषकर युवा पीढ़ी, कानून-व्यवस्था बनाए रखने में आगे आकर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाएगी।
विशेषज्ञों और आम नागरिकों का मानना है कि यह केवल एक औपचारिक सम्मान समारोह नहीं, बल्कि ‘कम्युनिटी पुलिसिंग’ (सामुदायिक पुलिस व्यवस्था) को सशक्त करने की दिशा में एक प्रभावी कदम है। जब पुलिस और जनता के बीच की दूरी मिटती है, तो अपराधियों और उपद्रवी तत्वों के हौसले अपने आप पस्त हो जाते हैं। रांची पुलिस का यह कदम जनता और वर्दी के बीच विश्वास की डोर को और मजबूत करेगा, जिससे आने वाले दिनों में राजधानी में शांति, समरसता और परस्पर सहयोग का माहौल और अधिक सुदृढ़ होगा।






