Patna: दीपावली के पावन अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दीघा-आशियाना रोड स्थित महालक्ष्मी देवी जी की प्रतिमा के समक्ष विधिवत पूजा-अर्चना की और राज्य की सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री ने वहां की स्थानीय महादलित बस्ती में पहुंचकर लोगों से मुलाकात की, उनके साथ दीपावली का पर्व मनाया, शुभकामनाएं दीं और उपहार भेंट किए।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने समस्त बिहारवासियों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि उनकी कामना है कि बिहार समृद्धि के मार्ग पर और मजबूती के साथ आगे बढ़े तथा राज्य में सुख-शांति का वातावरण बना रहे।
जनप्रतिनिधियों से समाज के हर वर्ग के साथ त्योहार मनाने की अपील
मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने राज्य के सभी जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक पदाधिकारियों से विशेष आग्रह किया है कि वे आदिवासी, अनुसूचित जाति और अतिपिछड़े समाज के लोगों के बीच जाकर उनके साथ त्योहार मनाएं। उन्होंने कहा कि समाज के वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों के सुख-दुख में सहभागी बनना हम सभी का नैतिक दायित्व है। त्योहारों की वास्तविक खुशी तभी सार्थक होती है, जब समाज के सभी वर्गों के लोग इसमें समान रूप से सहभागी बनें।
मुफ्त बिजली और प्रधानमंत्री के दौरे पर चर्चा
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार के 1 करोड़ 92 लाख परिवारों को 125 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ मिल रहा है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जो संपन्न उपभोक्ता स्वेच्छा से बिजली सब्सिडी का लाभ छोड़ना चाहते हैं, वे ऐसा कर सकते हैं और इसके लिए आगामी 1 दिसंबर से एक विशेष अभियान चलाया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित बिहार दौरे के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि एनडीए सरकार के एक वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रधानमंत्री बिहार आ रहे हैं, जिनके आगमन से राज्य को कई महत्वपूर्ण सौगातें मिलेंगी और विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा बस्तर में जवानों के साथ दीपावली मनाने की सराहना करते हुए देश के सभी जवानों को भी दीपावली की शुभकामनाएं दीं।
इस कार्यक्रम के दौरान विधायक संजीव चौरसिया, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, जिलाधिकारी कुंदन कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति और अधिकारी उपस्थित रहे।






