रांची : राजधानी में नक्शा विचलन और नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ रांची नगर निगम (RMC) ने अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। निगम के न्यायालय कोषांग ने जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत पटेल नगर में किए गए एक अनधिकृत निर्माण मामले में कड़ा संज्ञान लेते हुए संबंधित भवन स्वामियों को अंतिम ‘कोर्ट नोटिस’ तामील किया है। नगर आयुक्त की अदालत की ओर से स्पष्ट शब्दों में ताकीद की गई है कि यदि निर्धारित तिथि पर प्रतिवादी अपना पक्ष रखने उपस्थित नहीं हुए, तो निगम मामले में एकपक्षीय कानूनी फैसला लेने के लिए बाध्य होगा।
लगातार गैरहाजिर रहने पर जारी हुआ नोटिस
मामला पटेल नगर, मास्टर कॉलोनी (रोड साइड, वार्ड संख्या- 52, रांची-खूंटी मेन रोड, थाना- जगन्नाथपुर) में हुए भवन निर्माण से जुड़ा है। यहां वादी मनीष कुमार सिंह की शिकायत पर प्रतिवादी अनिल कुमार एवं विजय मोहन राजू द्वारा कराए गए भवन निर्माण के खिलाफ अनधिकृत निर्माण वाद (U.C. Case No. – 06/2026) दायर किया गया था। पूर्व में वाद की सुनवाई के दौरान प्रतिवादीगण न तो स्वयं उपस्थित हो रहे थे और न ही उनके किसी अधिकृत अधिवक्ता के माध्यम से अदालत में हाजिरी लगाई जा रही थी। इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये को देखते हुए न्यायालय नगर आयुक्त ने सख्त निर्देश जारी किया है।
24 दिसंबर को साक्ष्य के साथ पेश होने की अंतिम मोहलत
सहायक नगर आयुक्त द्वारा हस्ताक्षरित इस नोटिस के जरिए प्रतिवादियों को अंतिम चेतावनी दी गई है कि वे आगामी 24 दिसंबर 2026 को दोपहर 1 बजे न्यायालय नगर आयुक्त, रांची नगर निगम के समक्ष सशरीर अथवा अपने अधिकृत अधिवक्ता के जरिए उपस्थित हों। अदालत ने प्रतिवादियों को कारण पृच्छा (कारण बताओ) सहित अपना लिखित व दस्तावेजी पक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि इस बार भी वे अनुपस्थित रहते हैं, तो वादी की दलीलों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जाएगा।
अवैध निर्माणकर्ताओं में मचा हड़कंप
नगर निगम की इस सख्त कानूनी कार्रवाई से संबंधित क्षेत्र के अवैध निर्माणकर्ताओं में हड़कंप का माहौल है। जानकारों के मुताबिक, नोटिस की अवधि समाप्त होने और संतोषजनक उत्तर न मिलने की स्थिति में निगम अधिनियम के तहत संबंधित संरचना पर सीलिंग, भारी जुर्माना या ध्वस्तीकरण जैसी सख्त कार्रवाई भी कर सकता है। नगर निगम प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी तरह का निर्माण कार्य शुरू करने से पूर्व सक्षम प्राधिकार से विधिवत नक्शा स्वीकृत कराएं, ताकि कानूनी पेचीदगियों और भारी नुकसान से बचा जा सके।






