Health Adda: बच्चों को खाना खिलाना किसी चुनौती से कम नहीं होता है। हर चीज को लेकर उनकी आना-कानी माता-पिता के लिए बड़ी परेशानी बन जाती है, क्योंकि वे अच्छी तरह जानते हैं कि बच्चों के शारीरिक विकास के लिए पोषण कितना जरूरी है। अक्सर बच्चे भूख न लगने की बात कहकर खाना टाल देते हैं, लेकिन अगर बच्चा लगातार खाना खाने से कतरा रहा है, तो इसके पीछे कुछ अंदरूनी स्वास्थ्य कारण भी हो सकते हैं।
पेट के कीड़े और भूख में कमी
जब बच्चे के पेट में कीड़े (वर्म्स) हो जाते हैं, तो उन्हें अक्सर भूख लगना बंद हो जाती है। कई बार इस समस्या की वजह से दस्त, पेट में सूजन, कमजोरी और शरीर में पोषक तत्वों की भारी कमी होने लगती है। माता-पिता के लिए इस लक्षण पर समय रहते ध्यान देना बेहद जरूरी है।
एनीमिया (खून की कमी)
शरीर में एनीमिया या खून की कमी होने पर बच्चों में चिड़चिड़ापन, अत्यधिक कमजोरी और थकान जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं। इन शारीरिक परेशानियों के कारण बच्चे का खाना खाने बिल्कुल भी मन नहीं करता। ऐसे में बच्चे को डांटने के बजाय उनके खानपान और पोषण पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
कब्ज और पाचन तंत्र की गड़बड़ी
पेट से जुड़ी परेशानियां भी बच्चों में भूख न लगने का एक बड़ा कारण बनती हैं। कब्ज भी इसी का एक मुख्य संकेत है। पाचन क्रिया ठीक न होने के कारण पेट पूरी तरह साफ नहीं हो पाता, जिससे बच्चे का खाने से मोह भंग हो जाता है। जब आंतें साफ होने लगती हैं, तो धीरे-धीरे बच्चे की भूख में भी सुधार आने लगता है।
मानसिक तनाव और अवसाद
आज के समय में तनाव या अवसाद का शिकार सिर्फ बड़े ही नहीं, बल्कि छोटे बच्चे भी तेजी से हो रहे हैं। भूख न लगना इस समस्या का भी एक अहम हिस्सा है। किसी भी प्रकार के मानसिक तनाव या दबाव से जूझ रहे बच्चों को समय पर भूख महसूस नहीं होती।
दवाओं का अत्यधिक सेवन
यदि बच्चा लंबे समय तक किसी प्रकार की दवाइयों का सेवन कर रहा है, तब भी उसकी भूख प्रभावित हो सकती है। खासकर एंटीबायोटिक दवाओं के इस्तेमाल से बच्चों की भूख में कमी आ जाती है। यदि दवाइयां बंद होने के बाद भी बच्चे की भूख में सुधार न हो, तो डॉक्टर से चिकित्सीय जांच कराना बेहद जरूरी है।







