रांची: आदिवासी नेत्री निशा भगत की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। बेटी की मौत के बाद उनके पिता हंदू भगत ने पिठोरिया थाना में लिखित आवेदन देकर अजय तिर्की, ज्योत्सना केरकेट्टा समेत अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और सख्त कार्रवाई की मांग की है। आवेदन को पिठोरिया थाना के सब-इंस्पेक्टर सुनील कुमार दास ने रिसीव किया है।
पिता ने अपनी बेटी की मौत को सुनियोजित साजिश के तहत की गई हत्या बताया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि निशा को लंबे समय से मानसिक और सामाजिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ गलत बातें फैलाकर चरित्र हनन किया गया और झूठे आरोप लगाए गए।
अजय तिर्की और ज्योत्सना केरकेट्टा पर कार्रवाई की मांग
हंदू भगत ने अपने आवेदन में अजय तिर्की और ज्योत्सना केरकेट्टा समेत जमीन के कारोबार से जुड़े कुछ लोगों पर निशा को परेशान करने का आरोप लगाया है। उन्होंने पुलिस से निशा के फेसबुक लाइव वीडियो और उनके बयानों की जांच करने की मांग की है। साथ ही वीडियो में जिन लोगों का जिक्र किया गया है, उनकी भूमिका की भी जांच करने को कहा है।
नगड़ी में सड़क जाम, CBI जांच की मांग
निशा भगत की मौत के बाद लोगों में आक्रोश है। नगड़ी चेकपोस्ट के पास युवाओं ने सड़क जाम कर दिया और पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की। वहीं, विपक्षी दलों के नेताओं ने भी घटना को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।
फेसबुक लाइव के बाद किराये के मकान में मिला था शव
गौरतलब है कि 6 नवंबर को निशा भगत का शव पिठोरिया थाना क्षेत्र स्थित उनके किराये के मकान में मिला था। घटना से पहले उन्होंने फेसबुक लाइव किया था। इस दौरान वह रोते हुए अपनी परेशानी बता रही थीं। उन्होंने जमीन के कारोबार से जुड़े कुछ लोगों, कथित प्रताड़ना और पुलिस-प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। लाइव वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया।
2024 में गुमला से लड़ा था विधानसभा चुनाव
निशा भगत ने 2024 का विधानसभा चुनाव जेएलकेएम के टिकट पर गुमला सीट से लड़ा था। हालांकि, बाद में उन्होंने पार्टी छोड़ दी थी। उनकी पहचान सरना-सनातन की पैरोकार के रूप में थी। फिलहाल उनकी मौत के मामले में पुलिस जांच और परिजनों की शिकायत के बाद आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर है।





