रांची: झारखंड की राजधानी रांची के प्रमुख और वीआईपी आवागमन वाले मार्गों में शामिल ‘बिरसा चौक-धुर्वा गोलचक्कर-प्रोजेक्ट बिल्डिंग-चांदनी चौक पथ’ के एक अहम हिस्से को आधुनिक रूप देने की तैयारी तेज हो गई है। पथ निर्माण विभाग (RCD), पथ प्रमंडल रांची ने धुर्वा गोलचक्कर से पुलिस हेडक्वार्टर तक के पथांश के चौड़ीकरण, मजबूतीकरण, पुनर्निर्माण और सौंदर्यीकरण कार्य के लिए जारी निविदा में महत्वपूर्ण संशोधन करते हुए शुद्धिपत्र प्रकाशित किया है।
परियोजना का स्वरूप और प्रमुख विशेषताएं
दीनदयाल नगर, मोरहाबादी स्थित कार्यपालक अभियंता कार्यालय द्वारा जारी सूचना के अनुसार, यह परियोजना धुर्वा गोलचक्कर (चैनेज 2.730 किमी) से लेकर पुलिस हेडक्वार्टर (चैनेज 5.427 किमी) तक कुल 2.697 किलोमीटर लंबाई के लिए तैयार की गई है। इस परियोजना की प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:
- सड़क का चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण: यातायात के दबाव को सुगम बनाने के लिए मार्ग का पुनर्निर्माण और चौड़ीकरण किया जाएगा।
- ज्यामितीय व सौंदर्यात्मक सुधार: सड़क की बनावट में तकनीकी व ज्यामितीय सुधार किए जाएंगे।
- साइकिल ट्रैक का निर्माण: पर्यावरण के अनुकूल शहरी आवागमन और फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए पूरे पथांश पर समर्पित साइकिल ट्रैक बनेगा।
- हॉर्टिकल्चर और पौधारोपण: सड़क के दोनों किनारों पर वृहद पौधारोपण और 1 वर्ष के मेंटेनेंस के साथ हॉर्टीकल्चर का कार्य शामिल रहेगा।
प्राक्कलित राशि में बढ़ोतरी और नया शेड्यूल
संशोधन के तहत परियोजना की अनुमानित लागत में आंशिक वृद्धि की गई है:
- प्राक्कलित राशि: पूर्व में प्रकाशित ₹26,61,12,411/- को संशोधित कर अब ₹26,77,75,290/- (छब्बीस करोड़ सतहत्तर लाख पचहत्तर हजार दो सौ नब्बे रुपये मात्र) कर दिया गया है।
- अग्रधन की राशि (EMD): पूर्व के ₹26.62 लाख के स्थान पर अब ₹26.78 लाख तय की गई है।
महत्वपूर्ण तिथियां (संशोधित कार्यक्रम)
- वेबसाइट पर निविदा प्रकाशन: 10 नवंबर 2026 (पूर्वाह्न 10:30 बजे)।
- प्री-बीड मीटिंग: 17 नवंबर 2026 (अपराह्न 3:00 बजे)।
- निविदा प्राप्ति की अंतिम तिथि: 01 दिसंबर 2026 (दोपहर 12:00 बजे तक)।
- निविदा खोलने की तिथि: 02 दिसंबर 2026 (अपराह्न 12:30 बजे)।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि निविदा की अन्य सभी नियम व शर्तें पूर्ववत लागू रहेंगी। इस मार्ग के सुदृढ़ होने से धुर्वा, प्रोजेक्ट बिल्डिंग और पुलिस मुख्यालय क्षेत्र में आने-जाने वाले लोगों को जाम से निजात मिलने के साथ एक बेहतर शहरी इन्फ्रास्ट्रक्चर मिलेगा।






