Patna: राज्य सरकार बिहार के सभी सरकारी कर्मचारियों के हितों और उनकी समय पर मिलने वाली सुविधाओं के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कर्मचारियों के वेतन भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी को अब और सहन नहीं किया जाएगा। इसी कड़े रुख को स्पष्ट करते हुए मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों द्वारा वेतन वितरण में हो रही देरी पर गहरी चिंता जताई गई।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के सभी जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक शामिल हुए।
त्योहारों से पहले वेतन भुगतान की अनिवार्यता
समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने को कहा कि आने वाले पावन त्योहारों विशेष तौर पर दिवाली और छठ महापर्व से पहले राज्य के सभी सरकारी कर्मचारियों का वेतन अनिवार्य रूप से जारी कर दिया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी इस बात को प्राथमिकता से पूरा करें। इसके साथ ही सभी जिलाधिकारियों को भी कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने स्तर पर इसकी निगरानी करें और आवश्यक कदम उठाएं।
इन विभागों को दी गई विशेष चेतावनी
बैठक के दौरान समय पर वेतन का भुगतान न करने वाले प्रमुख विभागों को विशेष रूप से कड़ी चेतावनी दी गई है। इनमें मुख्य रूप से शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, गृह विभाग और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग शामिल हैं।
मुख्य सचिव ने दो टूक शब्दों में कहा कि प्रशासनिक कार्य-संस्कृति को बेहतर होना चाहिए और यदि आवश्यकता पड़े, तो अतिरिक्त प्रयास कर पूरी व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि यदि संबंधित विभागों को लगे कि शनिवार, 7 नवंबर 2026 को वेतन भुगतान से जुड़े कार्यों के लिए कार्यालय खोलने की जरूरत है, तो कार्यालय अवश्य खोले जाएं ताकि किसी भी कर्मी को असुविधा न हो। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि माननीय मुख्यमंत्री जी का भी स्पष्ट आदेश है कि हर एक सरकारी कर्मी को दिवाली और छठ से पहले वेतन मिल जाना चाहिए।







