Patna: गया जी जिले में हाल ही में ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर किसानों को संबोधित करते हुए राज्य के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि सरकार कृषि भूमि के संरक्षण, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और किसानों की खुशहाली व समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह संकल्पित है।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, विधानसभा सदस्य ज्योति देवी, रोमित कुमार, गया के जिलाधिकारी शशांक शुभंकर और जिला परिषद अध्यक्ष नैना कुमारी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
‘खेत बचाओ–जीवन बचाओ’ का संकल्प
‘खेत बचाओ–जीवन बचाओ’ के मूल संकल्प के साथ शुरू किए गए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों को जागरूक कर खेतों की सेहत में सुधार करना, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना और मृदा व प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना है। यह अभियान न केवल खेतों की सुरक्षा की दिशा में एक अहम पहल है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य और किसानों की आर्थिक समृद्धि का भी एक सशक्त माध्यम है।
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि हम प्रकृति के जितना करीब रहेंगे, उसके संसाधनों का उतना ही अधिक लाभ प्राप्त कर पाएंगे। प्रकृति के साथ सामंजस्य बिठाकर खेती करना ही टिकाऊ कृषि का असली आधार है।
रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभावों पर चिंता और प्राकृतिक खेती की जरूरत
कृषि मंत्री ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि रासायनिक उर्वरकों के असंतुलित और अत्यधिक इस्तेमाल से मिट्टी की प्राकृतिक उर्वरा शक्ति लगातार प्रभावित हो रही है। इसका बुरा असर न केवल कृषि पैदावार और पर्यावरण पर पड़ रहा है, बल्कि हमारे स्वास्थ्य पर भी इसके दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं। इसलिए, किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग और प्राकृतिक खेती की ओर प्रेरित करना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
युवाओं और महिला किसानों से विशेष अपील
युवा शक्ति की भूमिका: सिन्हा ने युवा साथियों से अपील की कि वे प्राकृतिक खेती को खुद अपनाने के साथ-साथ इसे जन-जन तक पहुंचाने में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं। युवा अपने नवाचार (innovation) और जागरूकता के बल पर कृषि को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बना सकते हैं।
महिला किसानों का सशक्तिकरण: कृषि मंत्री ने जोर देकर कहा कि महिला किसानों को केवल खेती के पारंपरिक कामों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें कृषि उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बनानी चाहिए। महिलाओं को कृषि आधारित स्वरोजगार, खाद्य प्रसंस्करण और विपणन से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्राथमिकता है।







