Spiritual Adda: हिंदू धर्म में दीपावली के पावन पर्व का विशेष महत्व है। ऐसी मान्यता है कि दिवाली की रात और सुबह मां लक्ष्मी पृथ्वी लोक पर भ्रमण के लिए आती हैं। इस खास अवसर पर यदि आप विधि-विधान से मां लक्ष्मी और भगवान गणेश का पूजन करते हैं, तो देवी प्रसन्न होकर घर में सुख-समृद्धि और धन-संपदा का आशीर्वाद देती हैं। आइए जानते हैं दीपावली की सुबह और पूजन से जुड़े कुछ विशेष उपाय और विधान:
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सुबह की पूजा और कौड़ी के अचूक उपाय
दिवाली की सुबह जल्दी उठकर सबसे पहले मां लक्ष्मी को नमन करें और स्नान आदि के बाद स्वच्छ सफेद वस्त्र धारण करें। इसके बाद मां लक्ष्मी के श्री स्वरूप या चित्र के सामने खड़े होकर ‘श्री सूक्त’ का पाठ करें और उन्हें कमल का फूल अर्पित करें।
कौड़ी का उपाय: लक्ष्मी पूजन के दौरान ग्यारह कौड़ियां अर्पित करें। अगले दिन उन कौड़ियों को एक लाल रंग के साफ कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी में रख लें, ऐसा करने से घर में लगातार धन की वृद्धि होती है।
भोग और कर्ज मुक्ति: मां लक्ष्मी का पूजन करने के बाद उन्हें मालपुए या गुलाब जामुन का भोग लगाएं और बाद में उसे गरीबों में बांट दें। मान्यता है कि ऐसा करने से व्यक्ति पर चढ़ा हुआ कर्ज धीरे-धीरे उतरने लगता है।
साफ-सफाई और मुख्य द्वार पर ‘श्रीं’ का महत्व
घर में साफ-सुथरे कपड़े पहनना और उन्हें करीने से संभालकर रखना घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है, जिससे देवी लक्ष्मी की कृपा दृष्टि हमेशा बनी रहती है। घर की साफ-सफाई और रोशनी का विशेष ध्यान रखें, क्योंकि गंदगी, धूल-मिट्टी और जाले दरिद्रता को बुलावा देते हैं। इसके अलावा, हल्दी और चावल को पीसकर उसके घोल से घर के मुख्य द्वार पर ‘श्रीं’ लिखने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में धन का आगमन होता है।
श्रीयंत्र और शंख की महिमा
श्रीयंत्र का अभिषेक: गाय के दूध से श्रीयंत्र का अभिषेक करने के बाद, उस अभिमंत्रित जल को पूरे घर में छिड़क दें। इसके बाद श्रीयंत्र को कमलगट्टे के साथ अपने धन रखने के स्थान (तिजोरी) पर स्थापित कर दें। इससे जल्द ही धन लाभ के योग बनने लगते हैं।
शंखनाद के लाभ: शंख में घर के वास्तुदोष दूर करने की अद्भुत क्षमता होती है। जहां नियमित रूप से सुबह और शाम दोनों समय शंख का घोष (नाद) होता है, वहां की हवा शुद्ध और सकारात्मक हो जाती है। इससे घर की कलह समाप्त होती है और मानसिक शांति प्राप्त होती है। जो लोग अपने जीवन और घर के वास्तु में सकारात्मक बदलाव चाहते हैं, उन्हें रोजाना सुबह-शाम शंख जरूर बजाना चाहिए।
प्रथम पूज्य भगवान गणेश की उपासना
मां लक्ष्मी ने गौरीपुत्र गणेश को प्रथम पूज्य होने का वरदान देते हुए यह आशीर्वाद दिया था कि उनकी उपासना करने वाले मनुष्य पर लक्ष्मी की कृपा हमेशा बनी रहेगी। इसलिए दीपावली पूजन में मां लक्ष्मी के साथ भगवान गणेश की पूजा भी पूरे विधि-विधान से की जाती है। गणेश जी की पूजा के दौरान निम्नलिखित मंत्रों का विशेष रूप से जाप करना चाहिए:
श्री गणेश बीज मंत्र:
ॐ गं गणपतये नमः॥(इस मंत्र का जाप करते हुए भगवान गणेश को सिंदूर अर्पित करें।)सिंदूर अर्पण मंत्र:
सिन्दूरं शोभनं रक्तं सौभाग्यं सुखवर्धनम्।शुभदं कामदं चैव सिन्दूरं प्रतिगृह्यताम्॥इसके बाद इस मंत्र का उच्चारण करते हुए गौरीपुत्र गणेश को अक्षत (चावल) अर्पित करें।







