New Delhi: बंगाल की खाड़ी में मौसम ने एक बार फिर खतरनाक करवट ली है। दक्षिण-पूर्व और उससे लगे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय गहरा अवदाब पिछले कुछ घंटों के दौरान तेजी से आगे बढ़ते हुए और अधिक शक्तिशाली हो गया है। राष्ट्रीय बुलेटिन के अनुसार, यह गहरा अवदाब पिछले 3 घंटों के दौरान 20 किमी प्रति घंटे की गति से पश्चिम-उत्तरपश्चिम दिशा में आगे बढ़ा और आज, 1 नवंबर 2026 को सुबह 08:30 बजे (IST) 11.8°N अक्षांश और 85.9°E देशांतर के निकट केंद्रित था।
तूफानी स्थिति और भौगोलिक दूरियां
मौजूदा स्थिति के मुताबिक, यह सिस्टम चेन्नई (तमिलनाडु) से लगभग 630 किमी पूर्व-दक्षिणपूर्व, विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश) से 710 किमी दक्षिण-दक्षिणपूर्व, नेल्लोर से 710 किमी पूर्व-दक्षिणपूर्व, मछलीपट्टनम से 710 किमी दक्षिण-पूर्व और ओंगोल (आंध्र प्रदेश) से 750 किमी पूर्व-दक्षिणपूर्व दिशा में स्थित है। मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश तट के लिए चक्रवात चेतावनी का ‘ऑरेंज संदेश’ जारी किया है।
अगले 48 घंटों में और विकराल होगा सिस्टम
पूर्वानुमान के अनुसार, इस गहरे अवदाब के अगले 6 घंटों के दौरान पश्चिम-उत्तरपश्चिम दिशा में आगे बढ़ने तथा दक्षिण-पश्चिम एवं उससे लगे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की प्रबल संभावना है। इसके बाद, 2 नवंबर को इसके पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक ‘प्रचंड चक्रवाती तूफान’ (Severe Cyclonic Storm) का रूप लेने की बहुत संभावना जताई गई है।
120 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है हवा की रफ्तार
पश्चिम-उत्तरपश्चिम दिशा में निरंतर आगे बढ़ते हुए इस तूफान के आगामी 3 नवंबर 2026 की प्रातः तक नेल्लोर और नरसापुर के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश तट को पार करने की पूरी संभावना है। इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किमी प्रति घंटे होगी, जो तेज हवा के झोंकों के साथ 120 किमी प्रति घंटे तक भी पहुंच सकती है। तटीय इलाकों में इसे लेकर हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।







