Patna: बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर हाल ही में संपन्न हुए चुनावों के नतीजे एनडीए की उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहे हैं, जिसके बाद राज्य की सियासत गरमा गई है। चुनाव परिणामों के ठीक बाद दो निर्दलीय विधान पार्षदों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के मुद्दे पर जनता दल (यूनाइटेड) के मुख्य प्रवक्ता एवं विधान पार्षद नीरज कुमार ने रविवार को तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि निर्दलीय विधान पार्षदों का किसी दल की सदस्यता ग्रहण करना पूरी तरह से उनके अपने विवेक का मामला है।
Read more: बिहार MLC चुनाव : आठ में से छह सीटों के परिणाम घोषित, राजद, जदयू और भाजपा को मिली जीत
चुनाव परिणामों की समीक्षा के लिए 5 नवंबर को जेडीयू की बैठक
नीरज कुमार ने मीडिया से बातचीत करते हुए स्वीकार किया कि विधान परिषद की आठ सीटों पर हुए चुनाव में एनडीए को जितनी उम्मीद थी, उस हिसाब से सफलता नहीं मिल पाई। उन्होंने घोषणा की कि इन परिणामों की व्यापक समीक्षा के लिए जेडीयू आगामी 5 नवंबर को एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित करेगी। इस बैठक में उन सभी सीटों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी जहां पार्टी के उम्मीदवार जीते या हारे हैं।
Read more: भाजपा के गढ़ में RJD की सेंध! बांकीपुर से MLC तक हार ने बढ़ाई बेचैनी
उन्होंने कहा कि पार्टी यह टटोलने का प्रयास करेगी कि स्थानीय स्तर पर ऐसी क्या परिस्थितियां रहीं जिसके चलते परिणाम उम्मीद के अनुकूल नहीं आए। उन्होंने सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में स्कूलों, रोजगार, कौशल विकास, और शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। उदाहरण के तौर पर, कुशल युवा योजना के तहत प्रशिक्षण, 10 रुपये में इंजीनियरिंग, 5 रुपये महीने में पॉलिटेक्निक, मुफ्त नर्सिंग शिक्षा और कृषि के विद्यार्थियों को 2,000 रुपये मासिक स्टाइपेंड दिया जा रहा है। ऐसे कल्याणकारी कार्यों के बावजूद नतीजे क्यों पिछड़े, यह मंथन का विषय है।
“शरीर कहीं, आत्मा कहीं, दिमाग कहीं”
इस बैठक में जीते-हारे उम्मीदवारों, विधान पार्षदों, प्रभारियों और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं को आमंत्रित किया गया है। बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, निशांत कुमार और प्रदेश अध्यक्ष समेत कई दिग्गज नेता मौजूद रहेंगे। निर्दलीय एमएलसी के भाजपा में शामिल होने से जेडीयू को झटका लगने के सवाल पर नीरज कुमार ने दो टूक अंदाज में कहा कि झटका किस बात का है, यह साबित करना होगा।
उन्होंने राजनीतिक तंज कसते हुए कहा, “शरीर कहीं, आत्मा कहीं, दिमाग कहीं- यह राजनीति में एक नया प्रचलन शुरू हुआ है।” उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव के दौरान उनकी पार्टी ने भी ऐसी परिस्थितियों का सामना किया है, और इस पर विस्तृत बात 5 नवंबर की बैठक में रखी जाएगी। वहीं, विधान परिषद के सभापति रामबचन राय की भूमिका पर उन्होंने कहा कि सभापति का पद दलीय नहीं होता और संविधान की दसवीं अनुसूची के प्रावधानों के तहत विधिवेत्ता ही इस पर सही सलाह दे सकते हैं।
आरजेडी सांसद मनोज झा की प्रतिक्रिया
दूसरी ओर, बिहार स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव परिणामों के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद मनोज झा की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हाल ही में सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से राहुल राज और तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से बंशीधर ब्रजवासी निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुने गए थे, लेकिन अब दोनों ने हाथ में पर्ची लेकर भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया को लेकर तीखा कटाक्ष किया है।






