नई दिल्ली/रांची: देश में हवाई अड्डों के बुनियादी ढांचे के विस्तार, विश्वस्तरीय प्रबंधन और बेहतर संचालन की दिशा में केंद्र सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। भारत सरकार के नागर विमानन मंत्रालय (Ministry of Civil Aviation) ने देश के 11 हवाई अड्डों के ब्राउनफील्ड सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) आधारित रियायत का तीसरा चरण शुरू करने का प्रस्ताव तैयार किया है। इस परियोजना का प्राथमिक उद्देश्य हवाई अड्डों के संचालन, दैनिक प्रबंधन और अवसंरचना विकास में निजी क्षेत्र की भागीदारी तथा वैश्विक पूंजी निवेश को प्रोत्साहित करना है।
पांच समूहों में बांटा गया हवाई अड्डों को
मंत्रालय द्वारा जारी सार्वजनिक सूचना के मुताबिक, इन 11 हवाई अड्डों को वाणिज्यिक और रणनीतिक आधार पर पांच अलग-अलग समूहों (Clusters) में समूहीकृत किया गया है। इस क्लस्टरिंग मॉडल का मकसद बड़े और छोटे हवाई अड्डों को एक साथ जोड़ना है, ताकि प्रमुख हवाई अड्डों के साथ-साथ क्षेत्रीय हवाई अड्डों का भी समान रूप से विकास सुनिश्चित हो सके। निजी कंपनियों को आकर्षित करने और परियोजना को व्यावहारिक बनाने के लिए मंत्रालय ने संभावित निवेशकों और हितधारकों से सीधा संवाद स्थापित करने की पहल की है।
दिल्ली में आयोजित हुआ विशेष ‘बाजार साउंडिंग सत्र’
प्रस्तावित लेन-देन को निवेशकों के समक्ष प्रस्तुत करने तथा रियायत ढांचे की बारीकियों को साझा करने के उद्देश्य से एक विस्तृत बाजार परामर्श सत्र आयोजित किया गया। दिल्ली में यह सत्र 30 अक्टूबर 2026 (शुक्रवार) को पूर्वाह्न 11:00 बजे से अपराह्न 2:00 बजे तक भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण अधिकारी संस्थान (AAIOI), सफदरजंग हवाई अड्डा, नई दिल्ली में व्यक्तिगत उपस्थिति के रूप में तय किया गया।
इस सत्र में शामिल होने के लिए इच्छुक निजी कंपनियों, कंसोर्टियम और निवेशकों से 28 अक्टूबर 2026 तक आधिकारिक ई-मेल (
gmsiu@aai.aero) के माध्यम से आवेदन मंगाए गए थे। प्रत्येक संस्था से अधिकतम दो प्रतिनिधियों को भाग लेने की अनुमति दी गई है। मंत्रालय पात्रता मानदंडों की समीक्षा के आधार पर नामित प्रतिनिधियों को प्रवेश-पत्र जारी कर रहा है।मुंबई में भी होगा आगामी सत्र
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली के अलावा वित्तीय राजधानी मुंबई में भी इसी तरह का एक बाजार साउंडिंग सत्र आयोजित किया जाएगा। मुंबई सत्र की तिथि, समय और स्थान की जानकारी जल्द ही मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक की जाएगी।
केवल विमर्श का मंच, औपचारिक निविदा नहीं
सूचना में यह विशेष रूप से रेखांकित किया गया है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह से ‘बाजार साउंडिंग’ (Market Sounding) और पूर्व-परामर्श के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। यह किसी प्रकार का टेंडर या आधिकारिक बोली (Bidding) लगाने का निमंत्रण नहीं है। साथ ही, इस परामर्श सत्र में भाग लेने वाली किसी भी संस्था को भविष्य में आयोजित की जाने वाली मुख्य बोली प्रक्रिया में कोई विशेष प्राथमिकता या अतिरिक्त लाभ नहीं दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि पीपीपी मॉडल के इस तीसरे चरण से हवाई अड्डों की कार्यकुशलता बढ़ेगी, यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को एक नई रफ्तार मिलेगी।





