सोनीपत : भारत के पैरा एथलीट नीरज यादव का 42 साल की उम्र में निधन हो गया। वह तीन बार एशियन पैरा गेम्स में स्वर्ण पदक जीत चुके थे। मंगलवार रात हरियाणा के सोनीपत स्थित एक अपार्टमेंट में वह बेहोशी की हालत में मिले थे। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। बुधवार को दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में उनके शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
मौत के कारणों की जांच जारी
भारत के मुख्य पैरा-एथलेटिक्स कोच एस. सत्यनारायण ने दावा किया है कि नीरज की मौत जहर खाने से हुई है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
नीरज के निधन की खबर मिलने पर पैरालिंपिक चैंपियन सुमित अंतिल और पैरा एथलीट विपिन कसाना भी दिल्ली के जीटीबी अस्पताल पहुंचे।
छह महीने से अलग रह रहे थे नीरज
कोच एस. सत्यनारायण के अनुसार, नीरज पिछले छह महीने से सोनीपत के एक अपार्टमेंट में रह रहे थे। उनकी मां और पत्नी दिल्ली-उत्तर प्रदेश बॉर्डर के पास रहती थीं। कोच ने आशंका जताई कि नीरज मानसिक तनाव से गुजर रहे थे। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
नीरज आगामी नागोया एशियन पैरा गेम्स में हिस्सा लेना चाहते थे, लेकिन डोपिंग प्रतिबंध के कारण वह ट्रायल में शामिल नहीं हो सके।
डोपिंग मामले में लगा था चार साल का प्रतिबंध
नीरज यादव एफ-55 कैटेगरी के पैरा एथलीट थे। उन्होंने 2023 हांगझोउ एशियन पैरा गेम्स में जेवलिन थ्रो और डिस्कस थ्रो में स्वर्ण पदक जीते थे। हालांकि, बाद में डोपिंग मामले में उन पर चार साल का प्रतिबंध लगा दिया गया था और उनके पदक वापस ले लिए गए थे।
कोच के मुताबिक, प्रतिबंध का असर नीरज की सरकारी नौकरी पर भी पड़ा था। उनके परिवार का खर्च 2018 एशियन पैरा गेम्स में मिली इनामी राशि से चल रहा था। नीरज के निधन से पैरा खेल जगत में शोक है।




