रांची : राजधानी रांची में बिना जरूरी दस्तावेजों के चल रहे हॉस्टल, लॉज और कोचिंग संस्थानों के खिलाफ नगर निगम ने कार्रवाई तेज कर दी है। सोमवार, 26 अक्टूबर को रांची नगर निगम ने सात संस्थानों को नोटिस जारी किया है। सभी संस्थानों को नोटिस मिलने के 24 घंटे के अंदर संचालन बंद करने और जरूरी कागजात जमा करने का निर्देश दिया गया है। आदेश का पालन नहीं करने पर भवनों को सील करने की चेतावनी दी गई है।
इन सात संस्थानों को मिला नोटिस
रांची नगर निगम ने जिन सात संस्थानों को नोटिस जारी किया है, उनमें इंपीरियल लाइब्रेरी, सर्कुलर रोड स्थित जगन्नाथ टावर की चौथी और पांचवीं मंजिल पर संचालित चार्टर्ड कॉमर्स, मेरिट एक्सिस एकेडमी, पियर्स एडु (ओपीसी) प्राइवेट लिमिटेड, स्पीक इंग्लिश एकेडमी और भविष्य भारती शामिल हैं।
नगर निगम ने सभी संस्थानों से ट्रेड लाइसेंस, फायर एनओसी, स्वीकृत भवन प्लान और अन्य जरूरी दस्तावेज जमा करने को कहा है।
पहले नौ संस्थानों को दी गई थी चेतावनी
नगर निगम इससे पहले भी नौ संस्थानों को अंतिम स्मार नोटिस जारी कर चुका है। इनमें आरसी फिजिकल एकेडमी (हातमा), लक्ष्य डिफेंस एकेडमी (मोरहाबादी), प्रकाश करियर फाउंडेशन (सर्कुलर रोड), आरसी डिफेंस एकेडमी (लालपुर), योद्धा डिफेंस एकेडमी (थड़पखना), श्योर सक्सेस सेंटर (लालपुर), किरण एकेडमी (ईस्ट जेल रोड), कमांडो फिजिकल एकेडमी (हातमा) और आरसी फिजिकल एकेडमी (बिरसा नगर, सरना टोली) शामिल हैं।
नगर निगम के अनुसार, इन संस्थानों को पहले भी जरूरी दस्तावेज जमा करने और नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए थे। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अब आगे की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
24 घंटे में दस्तावेज नहीं देने पर भवन होंगे सील
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि नोटिस मिलने के 24 घंटे के भीतर संबंधित संस्थानों को संचालन बंद करना होगा। साथ ही सभी जरूरी दस्तावेज निगम कार्यालय में जमा करने होंगे।
निर्धारित समय में निर्देशों का पालन नहीं करने पर संबंधित भवनों को सील किया जा सकता है। इसके अलावा झारखंड नगरपालिका अधिनियम 2011 और झारखंड भवन उपविधि 2016 के तहत कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक
नगर निगम का कहना है कि कई जगह आवासीय भवनों का इस्तेमाल बिना अनुमति के हॉस्टल, लॉज और कोचिंग संस्थान चलाने के लिए किया जा रहा है।
निगम ने साफ किया है कि संस्थानों के संचालन के लिए ट्रेड लाइसेंस, हॉस्टल पंजीकरण, वाणिज्यिक होल्डिंग, फायर एनओसी और स्वीकृत भवन प्लान समेत सभी जरूरी अनुमतियां होनी चाहिए।
नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
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