रांची: सड़क सुरक्षा को महज एक औपचारिकता न मानकर जनजीवन की सुरक्षा का संकल्प बनाते हुए पिठौरिया पुलिस ने एक बार फिर अपनी मुस्तैदी का परिचय दिया है। शनिवार की रात जब पिठौरिया चौक पर रोजमर्रा की हलचल धीरे-धीरे शांत हो रही थी, तभी पिठौरिया थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस बल ने एक व्यापक और योजनाबद्ध वाहन जांच अभियान की शुरुआत की। इस आकस्मिक मगर सुव्यवस्थित जांच का मुख्य उद्देश्य न केवल यातायात नियमों का अनुपालन सुनिश्चित कराना था, बल्कि इलाके में असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाकर आम नागरिकों को सुरक्षित माहौल देना भी था।
अभियान के दौरान चौक से गुजरने वाली हर छोटी-बड़ी कार, एसयूवी और दोपहिया वाहनों को कतारबद्ध कर रोका गया। पुलिस अधिकारियों और जवानों ने वाहन चालकों से उनके ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC), प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUC) और वैध बीमा जैसे अनिवार्य दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की। इस दौरान बिना हेलमेट या सीट बेल्ट लगाए फर्राटा भरने वालों को भी कानून के दायरे में लाया गया।
इस पूरे अभियान की सबसे उल्लेखनीय बात पिठौरिया थाना प्रभारी और उनकी टीम का पेशेवर और संवेदनशील आचरण रहा। जांच के दौरान जवानों का व्यवहार केवल दंडात्मक कार्रवाई तक सीमित नहीं था, बल्कि वे वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने में जुटे दिखे। कई चालकों को प्रेमपूर्वक यह समझाया गया कि हेलमेट और सीट बेल्ट किसी पुलिसिया जुर्माने से बचने का जरिया नहीं, बल्कि किसी भी अनहोनी की स्थिति में उनकी अपनी जिंदगी की ढाल हैं। वैध दस्तावेज पास रखना एक जिम्मेदार नागरिक की प्राथमिक पहचान है।
रात के सन्नाटे में शुरू हुए इस सघन अभियान से चौक से गुजरने वाले वाहन चालकों और स्थानीय राहगीरों में एक सकारात्मक सतर्कता देखने को मिली। जो लोग लापरवाही में बिना दस्तावेज या बिना सुरक्षा साधनों के सफर कर रहे थे, उन्हें अपनी जिम्मेदारी का अहसास हुआ। वहीं दूसरी ओर, पिठौरिया थाना पुलिस की इस सक्रियता की स्थानीय व्यापारियों, प्रबुद्ध नागरिकों और राहगीरों ने मुक्तकंठ से सराहना की।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अक्सर रात के समय दूर-दराज के इलाकों में तेज रफ्तार, लापरवाही और संदिग्ध गतिविधियों की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे संवेदनशील समय में थाना प्रभारी का खुद मैदान में उतरकर चौक-चौराहों पर सुरक्षा का पहरा बैठाना पुलिस प्रशासन के प्रति आम जनता के विश्वास को मजबूत करता है। पिठौरिया पुलिस की यह मुस्तैदी साबित करती है कि कर्तव्य केवल ड्यूटी के घंटों में नहीं, बल्कि जनहित की सच्ची निष्ठा में झलकता है।
पिठौरिया पुलिस का यह कदम सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और क्षेत्र में कानून का भय कायम करने की दिशा में एक बेहद सराहनीय और अनुकरणीय प्रयास है।
पिठौरिया से यामीन मंसूरी की रिपोर्ट





