Ranchi: झारखंड में ग्रामीण महिलाओं के कारोबार को आगे बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए झारखंड इन्क्यूबेटर प्रोग्राम (JIP) शुरू किया गया है। इस कार्यक्रम के तहत राज्य की 150 महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों को प्रत्यक्ष इन्क्यूबेशन सहायता देने की योजना है। चयनित उद्यमियों को आर्थिक सहयोग, बिजनेस ट्रेनिंग, तकनीकी मार्गदर्शन और बाजार तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी।
झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) और आईआईएम कलकत्ता इनोवेशन पार्क (IIM-CIP) की साझेदारी में संचालित इस कार्यक्रम के लिए राज्य के सभी 24 जिलों से 15,212 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसका उद्देश्य छोटे स्तर पर चल रहे महिला उद्यमों को आगे बढ़ाना और उनके कारोबार को अधिक टिकाऊ बनाना है।
150 महिला उद्यमों को मिलेगी आर्थिक सहायता
कार्यक्रम के तहत चयनित 150 उद्यमों को उनकी जरूरत और कारोबार के आकलन के आधार पर आर्थिक सहायता देने की योजना है। इसमें 18 उद्यमों को 10 लाख रुपये तक का अनुदान मिल सकता है। वहीं, करीब 132 उद्यमों को ब्याज मुक्त सॉफ्ट लोन देने की योजना है।
सहायता की प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार:
– 18 उद्यमों को: प्रत्येक को 10 लाख रुपये तक अनुदान।
– व्यक्तिगत उद्यमों को: 3 लाख रुपये तक ब्याज मुक्त सॉफ्ट लोन।
– समूह आधारित उद्यमों को: 5 लाख रुपये तक ब्याज मुक्त सॉफ्ट लोन।
राशि कारोबार की जरूरत और मूल्यांकन के आधार पर चरणबद्ध तरीके से जारी की जाएगी। इसका उद्देश्य महिला उद्यमियों को अपने व्यवसाय के विस्तार, संचालन में सुधार और बाजार तक पहुंच बनाने में मदद देना है।
18 महीने तक मिलेगा बिजनेस प्रशिक्षण और मार्गदर्शन
इस कार्यक्रम में केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि कारोबार को मजबूत बनाने के लिए व्यवस्थित प्रशिक्षण भी शामिल है। चयनित महिला उद्यमियों को बिजनेस प्लान तैयार करने, तकनीकी प्रशिक्षण लेने और नए कारोबारी अवसर समझने में मदद दी जाएगी। इसके अलावा, उन्हें एक्सपोजर विजिट और हर महीने कारोबार की प्रगति की निगरानी जैसी सुविधाएं मिलेंगी। कार्यक्रम के तहत 15 मेंटर्स का नेटवर्क बनाया गया है, जो उद्यमियों को उनकी व्यावसायिक जरूरतों की पहचान करने, संचालन सुधारने और कारोबार के विस्तार की योजना तैयार करने में मार्गदर्शन देगा।
24 जिलों में पहुंचा कार्यक्रम
झारखंड इन्क्यूबेटर प्रोग्राम के लिए राज्य के सभी 24 जिलों से आवेदन मिले हैं। जागरूकता और संपर्क गतिविधियों के जरिए कार्यक्रम 260 प्रखंडों तक पहुंचा है। कार्यक्रम का केंद्रीय केंद्र रांची में स्थापित किया गया है। इसके अलावा गुमला, हजारीबाग, दुमका, पलामू और जमशेदपुर में पांच क्षेत्रीय केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से महिला उद्यमियों को सहायता और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
कारोबार और रोजगार बढ़ाने पर जोर
कार्यक्रम से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, चयनित 150 उद्यमों में सालाना राजस्व वृद्धि का लक्ष्य 15 प्रतिशत रखा गया है। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को छोटे कारोबार से आगे बढ़ाकर मजबूत उद्यम स्थापित करने में मदद देना है, ताकि उनकी आमदनी में सुधार हो और वे व्यापक बाजारों तक पहुंच बना सकें।
महिला उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल
हैंडबैग डिजाइनर सरिता देवी ने बताया कि उन्होंने इस कार्यक्रम के लिए आवेदन किया है। उन्हें उम्मीद है कि आर्थिक सहायता और कारोबारी मार्गदर्शन से वे अपना उद्यम बढ़ा सकेंगी, अधिक ग्राहकों तक पहुंच सकेंगी और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेंगी।




