रांची: आगामी त्योहारों के मद्देनजर वातावरण में हवा की शुद्धता बनाए रखने और ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए झारखंड सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है। झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद (JSPCB) ने नगर प्रशासन भवन, धुर्वा से एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक आदेश जारी करते हुए राज्यभर में पटाखों की बिक्री और उन्हें फोड़ने की समय-सीमा को लेकर सख्त दिशा-निर्देश लागू कर दिए हैं। यह आदेश माननीय सर्वोच्च न्यायालय के वाद (अर्जुन गोपाल एवं अन्य बनाम भारत संघ) तथा राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की प्रधान खंडपीठ, नई दिल्ली द्वारा पारित न्याय निर्णयों के अनुपालन में जारी किया गया है।
पर्षद के सदस्य सचिव राजीव लोचन बक्शी के हस्ताक्षर से जारी इस अधिसूचना के अनुसार, वायु (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1981 की धारा 31(A) के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए यह कदम उठाया गया है। पर्षद ने स्पष्ट किया है कि इस वर्ष झारखंड के सभी जिलों के शहरी क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता स्तर (Air Quality Index) ‘अच्छी या संतोषप्रद’ (Good or Satisfactory: 1-50 और 51-100) की श्रेणी में दर्ज है। लिहाजा, पर्यावरण के इस संतुलन को बरकरार रखने के लिए केवल उन्हीं पटाखों की बिक्री और उपयोग की अनुमति होगी, जिनकी ध्वनि सीमा 125 dB(A) से कम हो। तेज आवाज वाले और प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री पर पूर्ण रोक रहेगी।
त्योहारों के लिए तय की गई समय-सीमा
प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने विभिन्न त्योहारों के दौरान आतिशबाजी के लिए विशेष समय निर्धारित किया है, ताकि आम जनजीवन और बीमार बुजुर्गों को परेशानी न हो:
- दीपावली एवं गुरुपर्व: इन दोनों पावन पर्वों पर पटाखे केवल रात 8 बजे से लेकर रात 10 बजे तक (मात्र 2 घंटे) ही चलाए जा सकेंगे।
- छठ महापर्व: लोक आस्था के महापर्व छठ के पावन अवसर पर प्रातः 6 बजे से प्रातः 8 बजे तक ही आतिशबाजी की अनुमति होगी।
- क्रिसमस एवं नव वर्ष: क्रिसमस और नए साल के स्वागत के जश्न के दौरान मध्य रात्रि 11:55 बजे से मध्य रात्रि 12:30 बजे तक (लगभग 35 मिनट) पटाखे चलाने की छूट रहेगी।
नियम तोड़ा तो होगी सीधी कानूनी कार्रवाई
पर्षद ने दो टूक चेतावनी दी है कि तय समय-सीमा और निर्धारित ध्वनि मानकों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की सुसंगत धाराओं के साथ-साथ वायु (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम 1981 की धारा 37 तथा पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986 के तहत संबंधित सक्षम अधिकारियों द्वारा प्राथमिकी व विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने सभी नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने, ग्रीन व कम ध्वनि वाले पटाखों का उपयोग करने और नियमों का अनुपालन कर हरित एवं सुरक्षित त्योहार मनाने की मार्मिक अपील की है। विस्तृत जानकारी के लिए नागरिक पर्षद की नई वेबसाइट
www.jspcb.org.inपर दिशा-निर्देश देख सकते हैं या आधिकारिक ई-मेलranchijspcb@gmail.comपर संपर्क कर सकते हैं।





