Health Adda: रात में 7 से 8 घंटे की भरपूर नींद लेने के बाद भी यदि सुबह उठते ही सिरदर्द या भारीपन महसूस होता है, तो इसे केवल साधारण थकान समझकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। अक्सर लोग इसे तनाव या काम के दबाव से जोड़ लेते हैं, लेकिन यह शरीर में किसी अंदरूनी गड़बड़ी या बीमारी का संकेत भी हो सकता है। बार-बार होने वाली इस समस्या के सटीक कारणों को समझना और समय रहते डॉक्टर से सलाह लेना बेहद जरूरी है, ताकि किसी बड़ी स्वास्थ्य समस्या से बचा जा सके।
खराब नींद और ‘स्लीप एपनिया’ बन सकते हैं मुख्य कारण
सुबह होने वाले सिरदर्द के पीछे सबसे आम वजह नींद की खराब गुणवत्ता है। देर रात तक मोबाइल स्क्रीन का इस्तेमाल, अनियमित जीवनशैली और मानसिक तनाव हमारी स्लीप साइकिल को बुरी तरह प्रभावित करते हैं, जिससे सुबह उठने पर सिर भारी रहता है। इसके अलावा, कई मामलों में यह ‘स्लीप एपनिया’ (Sleep Apnea) का लक्षण भी हो सकता है। इस गंभीर विकार में सोते समय बार-बार सांस रुकती है। तेज खर्राटे लेना, रात में सांस टूटना और पर्याप्त सोने के बाद भी दिनभर सुस्ती बने रहना इसके प्रमुख संकेत हैं।
डिहाइड्रेशन, कैफीन और जबड़े की आदतें भी हैं जिम्मेदार
शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) भी सिरदर्द का एक बड़ा कारण है। दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी न पीने या शराब का सेवन करने से शरीर डिहाइड्रेट हो जाता है, जिससे सुबह उठते ही सिरदर्द और मुंह सूखने की समस्या हो सकती है। वहीं, अचानक कैफीन (चाय-कॉफी) की मात्रा कम करने या सोने से ठीक पहले इसका सेवन करने से भी नींद और सिर पर असर पड़ता है। इसके अलावा, रात में सोते समय अनजाने में दांत पीसने या जबड़े को कसकर भींचने की आदत के कारण सुबह माथे और कनपटी में तेज दर्द महसूस हो सकता है।
माइग्रेन और पेनकिलर्स का अत्यधिक इस्तेमाल
क्रोनिक माइग्रेन से पीड़ित लोगों को भी अक्सर सुबह के समय तेज सिरदर्द का सामना करना पड़ता है। तनाव और अनियमित दिनचर्या इसके ट्रिगर पॉइंट हो सकते हैं। इसके साथ ही, सिरदर्द से तुरंत राहत पाने के लिए दर्द निवारक दवाओं (Painkillers) का बार-बार सेवन करना उलटा समस्या को और गंभीर बना सकता है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि यदि सप्ताह में कई बार सिरदर्द होता है, दवा लेने की जरूरत पड़ती है या रोजमर्रा के काम प्रभावित होते हैं, तो बिना देर किए किसी योग्य चिकित्सक से संपूर्ण जांच करवानी चाहिए।




