Nagoya: भारत की स्टार पैरा-तीरंदाज शीतल देवी ने जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन पैरा गेम्स 2026 में एक बार फिर इतिहास रच दिया है। महिलाओं के व्यक्तिगत कंपाउंड स्पर्धा के रोमांचक फाइनल मुकाबले में शीतल ने सिंगापुर की नूर स्याहिदा अलीम को कड़े संघर्ष के बाद 142-139 से पराजित कर भारत की झोली में 17वां गोल्ड मेडल डाल दिया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही 18 वर्षीय शीतल ने अपने पिछले एशियन पैरा गेम्स के खिताब का सफलतापूर्वक बचाव भी कर लिया।
चार अंकों से पिछड़ने के बाद परफेक्ट 30 से शानदार वापसी
स्वर्ण पदक के इस मुकाबले में शीतल देवी के धैर्य और मानसिक मजबूती की कठिन परीक्षा हुई। मुकाबले के शुरुआती चरण में वह 55-59 से पिछड़ गई थीं और दूसरे राउंड में केवल 26 अंक जुटा पाई थीं, जिससे मुकाबला उनके हाथ से फिसलता नजर आ रहा था। इसके बावजूद उन्होंने दबाव में अपना संतुलन नहीं खोया और अगले दो राउंड में लगातार परफेक्ट 30 स्कोर हासिल कर मैच का रुख अपनी तरफ मोड़ लिया तथा अंततः तीन अंकों की बढ़त के साथ मुकाबला जीत लिया।
मिक्स्ड टीम में गोल्ड और डबल्स में जीता सिल्वर मेडल
व्यक्तिगत स्वर्ण पदक के अलावा शीतल देवी ने मिक्स्ड टीम कंपाउंड इवेंट में भी तोमन कुमार के साथ मिलकर भारत को स्वर्ण पदक दिलाया। इस भारतीय जोड़ी ने फाइनल में इंडोनेशिया को 151-148 से हराया। इससे पहले क्वालिफिकेशन राउंड में शीतल और तोमन की जोड़ी ने 1402 अंक हासिल कर नया विश्व रिकॉर्ड भी स्थापित किया। इसके अतिरिक्त, महिलाओं के कंपाउंड डबल्स मुकाबले में शीतल ने साथी खिलाड़ी पायल नाग के साथ मिलकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
क्वालिफिकेशन राउंड में विश्व रिकॉर्ड की बराबरी
नागोया में शीतल देवी का सफर रिकॉर्ड्स से भरा रहा। व्यक्तिगत क्वालिफिकेशन राउंड में उन्होंने 720 में से 704 अंक बनाकर विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की। इसके साथ ही उन्होंने बैंकॉक में बनाए गए अपने ही 698 अंकों के एशियाई रिकॉर्ड को भी ध्वस्त कर दिया। प्रतियोगिता में दो गोल्ड और एक सिल्वर मेडल जीतकर शीतल ने पिछले संस्करण की तरह इस बार भी कुल तीन पदकों पर अपना कब्जा जमाया।





