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रेलवे अंडरपास को लेकर झारखंड हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, चार महीने में काम पूरा करने को कहा

झारखंड हाई कोर्ट ने पलामू जिले के विश्रामपुर प्रखंड के लालगढ़ बिहार और पांजरिकला गांव के लोगों की परेशानी को देखते हुए रेलवे को महत्वपूर्ण निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि अगर रेलवे अंडरपास का निर्माण अब तक पूरा नहीं हुआ है, तो

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रांची : झारखंड हाई कोर्ट ने पलामू जिले के विश्रामपुर प्रखंड के लालगढ़ बिहार और पांजरिकला गांव के लोगों की परेशानी को देखते हुए रेलवे को महत्वपूर्ण निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि अगर रेलवे अंडरपास का निर्माण अब तक पूरा नहीं हुआ है, तो इसे चार महीने के अंदर पूरा किया जाए। साथ ही बरसात के दौरान अंडरपास में पानी भरने की समस्या का स्थायी समाधान भी किया जाए।

चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस मनोज प्रसाद की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई की। अदालत ने कहा कि ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को रेलवे लाइन पार करने में किसी तरह की परेशानी या दुर्घटना का खतरा नहीं होना चाहिए।

रेलवे ओवरब्रिज बनाने का आदेश देने से इनकार

सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने रेलवे ओवरब्रिज या मानवयुक्त रेलवे क्रॉसिंग बनाने का आदेश देने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि इस तरह के निर्माण की जरूरत और तकनीकी स्थिति का फैसला संबंधित विभाग और विशेषज्ञ ही कर सकते हैं।

कोर्ट ने रेलवे अधिकारियों को 12 मार्च 2027 तक आदेश के पालन से संबंधित शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है। वहीं, मामले में अनुपालन की समीक्षा के लिए 18 मार्च 2027 की तारीख तय की गई है।

रेलवे लाइन पार करने में ग्रामीणों को होती है परेशानी

सुनवाई के दौरान रेलवे की ओर से बताया गया कि लालगढ़ बिहार रेलवे स्टेशन और पांजरिकला गांव के बीच लोग लंबे समय से रेलवे क्रॉसिंग या ओवरब्रिज बनाने की मांग कर रहे हैं।

इस स्थान पर ग्रामीण रेलवे ट्रैक पार करके आते-जाते हैं। इससे दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है। रेलवे ने बताया कि मौजूदा नियमों के तहत नई रेलवे क्रॉसिंग खोलने की नीति नहीं है। पुरानी क्रॉसिंग को भी धीरे-धीरे हटाकर उनकी जगह अंडरपास या ओवरब्रिज बनाए जा रहे हैं।

बरसात में अंडरपास में भर जाता है पानी

याचिकाकर्ता लालगढ़ वेलफेयर सोसाइटी ने कोर्ट को बताया कि अंडरपास बनने के बाद भी ग्रामीणों की परेशानी पूरी तरह दूर नहीं होगी। बरसात के समय अंडरपास में पानी भर जाने से लोगों को आने-जाने में दिक्कत होती है।

खासकर स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को रेलवे लाइन पार करने में जोखिम उठाना पड़ता है। इसी समस्या को देखते हुए जनहित याचिका दायर कर ओवरब्रिज बनाने की मांग की गई थी।

रेलवे ने अदालत को बताया कि ओवरब्रिज के निर्माण खर्च में हिस्सेदारी के लिए राज्य सरकार की सहमति नहीं मिली है। साथ ही संबंधित स्थान ओवरब्रिज निर्माण के निर्धारित मानकों को भी पूरा नहीं करता है।

हाई कोर्ट ने रेलवे को अंडरपास का काम पूरा करने और जलजमाव की समस्या दूर करने का निर्देश देते हुए जनहित याचिका का निपटारा कर दिया।

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