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बिहार में 13.57 लाख पेंशनधारियों का सत्यापन बाकी, जल्द करें पूरा

बिहार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत 1.03 करोड़ से अधिक लाभार्थियों का जीवन प्रमाणीकरण पूरा हो चुका है। शेष 13.57 लाख पेंशनधारियों से विभाग ने जल्द सत्यापन की अपील की है।
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Patna: पेंशन सिर्फ एक सरकारी योजना का पैसा नहीं, बल्कि बुढ़ापे की लाठी और बेसहारा जीवन का सबसे बड़ा आसरा होती है। ऐसे में 13 लाख से ज्यादा लोगों का प्रमाणीकरण छूटना सिर्फ एक तकनीकी आंकड़ा नहीं, बल्कि उन बुजुर्गों की चिंता है जो शायद डिजिटल दुनिया की जटिलताओं से अनजान हैं। बिहार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के वितरण को पारदर्शी और सुगम बनाए रखने के लिए लाभार्थियों के जीवन प्रमाणीकरण (Life Certificate Verification) की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।

समाज कल्याण विभाग के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, राज्य में अब तक 88.37 प्रतिशत पेंशनधारियों का सत्यापन कार्य सफलतापूर्वक संपन्न कर लिया गया है। प्रदेश के कुल 1 करोड़ 16 लाख 71 हजार 188 लाभार्थियों में से 1 करोड़ 3 लाख 13 हजार 620 पेंशनरों का सत्यापन हो चुका है, जबकि 13 लाख 57 हजार 568 लाभार्थियों का प्रमाणीकरण होना अभी बाकी है। विभाग ने शेष लाभार्थियों से आग्रह किया है कि वे समय पर प्रक्रिया पूरी कर लें ताकि पेंशन भुगतान में कोई बाधा न आए।

प्रमाणीकरण में मधुबनी अव्वल, पटना दूसरे स्थान पर

जीवन प्रमाणीकरण पूरा करने के मामले में मधुबनी जिले ने पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। मधुबनी में अब तक 5 लाख 9 हजार 290 लाभार्थियों का सत्यापन कार्य पूरा हो चुका है। इसके बाद राजधानी पटना 4 लाख 91 हजार 125 प्रमाणीकरण के साथ दूसरे स्थान पर है। वहीं पूर्वी चंपारण में 4 लाख 85 हजार 930, मुजफ्फरपुर में 4 लाख 62 हजार 294 और समस्तीपुर में 4 लाख 35 हजार 744 पेंशनधारियों का सत्यापन कार्य पूरा कराया जा चुका है।

कुल पेंशनधारियों की संख्या में पटना जिला सबसे आगे

सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं से जुड़े कुल लाभार्थियों की संख्या के लिहाज से पटना जिला राज्यभर में शीर्ष पर बना हुआ है। पटना में कुल 6 लाख 17 हजार 153 पेंशनधारी पंजीकृत हैं। इसके बाद मधुबनी 5 लाख 88 हजार 855 लाभार्थियों के साथ दूसरे और पूर्वी चंपारण 5 लाख 66 हजार 316 लाभार्थियों के साथ तीसरे स्थान पर है। मुजफ्फरपुर में 5 लाख 20 हजार 559 तथा गया जिले में 5 लाख 7 हजार 191 लाभार्थी इन कल्याणकारी योजनाओं से आच्छादित हैं।

पेंशन व्यवस्था में पारदर्शिता के लिए प्रमाणीकरण आवश्यक: डॉ. श्वेता गुप्ता

समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता ने कहा कि राज्य सरकार वृद्धजनों, विधवा महिलाओं और दिव्यांगजनों को नियमित आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए पूरी तरह संकल्पित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रिकॉर्ड्स को अद्यतन रखने और पेंशन वितरण में शत-प्रतिशत पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जीवन प्रमाणीकरण अनिवार्य प्रक्रिया है। उन्होंने शेष बचे लाभार्थियों से अपील की कि वे तय नियमों के अनुसार निकटतम केंद्र पर जाकर अपना सत्यापन शीघ्र कराएं, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति तकनीकी कारणों से योजना के लाभ से वंचित न रहे।

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