Oslo, Norway: वर्तमान तकनीकी दौर में कैमरे, माइक्रोफोन, स्पीकर और एआई फीचर्स से लैस स्मार्ट ग्लासेस हमारी निजता के लिए एक गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। इन चश्मों के जरिए लोगों को बिना स्पष्ट रूप से बताए आसानी से फोटो और वीडियो रिकॉर्ड किए जा सकते हैं। यही वजह है कि यूरोपीय देश नॉर्वे में सार्वजनिक स्थानों पर स्मार्ट ग्लासेस के इस्तेमाल को लेकर सख्त नियम बनाने की तैयारी की जा रही है।
साइलेंट रिकॉर्डिंग और निजता के लिए बढ़ता खतरा
नॉर्वे की डेटा प्रोटेक्शन संस्थाओं की मुख्य चिंता ‘साइलेंट रिकॉर्डिंग’ को लेकर है। सामान्य स्मार्टफोन से रिकॉर्डिंग करते समय आसपास के लोगों को अक्सर इसका पता चल जाता है, लेकिन स्मार्ट ग्लासेस में कैमरे बेहद छोटे होते हैं। ऐसे में सामने मौजूद व्यक्ति के लिए यह पहचान पाना बहुत मुश्किल होता है कि उसकी तस्वीर या वीडियो रिकॉर्ड की जा रही है। जिम, स्विमिंग पूल, चेंजिंग रूम, अस्पताल और सार्वजनिक परिवहन जैसी जगहों पर इन उपकरणों का इस्तेमाल लोगों की निजता का हनन कर सकता है।
एआई तकनीक और डेटा सुरक्षा के नए नियम
इसके अलावा, एआई और फेस रिकॉग्निशन तकनीक के इस्तेमाल से किसी भी व्यक्ति की पहचान करने और उसके बारे में ऑनलाइन उपलब्ध निजी जानकारी जुटाने की आशंका काफी बढ़ गई है। इन उपकरणों में आमतौर पर रिकॉर्डिंग के दौरान इंडिकेटर लाइट दी जाती है, लेकिन निजता विशेषज्ञों का कहना है कि केवल इस लाइट पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। तेज धूप या रोशनी में इसके दिखाई न देने या इसे जानबूझकर ढक दिए जाने की स्थिति में रिकॉर्डिंग का पता लगाना नामुमकिन हो जाता है।
वैश्विक स्तर पर प्रतिबंध और भारत में बढ़ती जरूरत
यूरोप में ‘जनरल डेटा प्रोटेक्शन रेगुलेशन’ के तहत व्यक्तिगत डेटा और पहचान की सुरक्षा को बहुत महत्व दिया जाता है। इसी के चलते कई जिम, निजी क्लब, कैसीनो और सिनेमाघरों ने अपने परिसरों में कैमरा युक्त स्मार्ट ग्लासेस के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है। भारत में भी स्मार्ट ग्लासेस का बाजार तेजी से फैल रहा है। हालांकि देश में निजता के अधिकार को संवैधानिक संरक्षण प्राप्त है, लेकिन सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की गुप्त रिकॉर्डिंग को रोकने के लिए स्पष्ट और समर्पित नियमों की सख्त आवश्यकता महसूस की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि संवेदनशील सार्वजनिक स्थलों पर इनके इस्तेमाल के लिए कड़े दिशानिर्देश जल्द बनाए जाने चाहिए।





