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मौत की सजा के लिए दिए दो इंजेक्शन, फिर भी जिंदा रही क्रिस्टा पाइक!

Washington, USA: अमेरिका में हत्या के एक चर्चित मामले में मौत की सजा की दोषी 50 वर्षीय क्रिस्टा पाइक को पेंटाबार्बिटल के दो घातक इंजेक्शन दिए जाने के बावजूद उनकी जान बच गई। जेल स्टाफ और डॉक्टरों की मौजूदगी में घटी इस दुर्लभ घटना ने

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Washington, USA: अमेरिका में हत्या के एक चर्चित मामले में मौत की सजा की दोषी 50 वर्षीय क्रिस्टा पाइक को पेंटाबार्बिटल के दो घातक इंजेक्शन दिए जाने के बावजूद उनकी जान बच गई। जेल स्टाफ और डॉक्टरों की मौजूदगी में घटी इस दुर्लभ घटना ने हर किसी को हैरान कर दिया है, क्योंकि चिकित्सा जगत में पेंटाबार्बिटल को दर्द रहित (पेनलेस) मौत देने वाली अचूक दवा माना जाता है।

पेंटाबार्बिटल इंजेक्शन की विफलता और क्रिस्टा पाइक का मामला

अमेरिका के टेनेसी राज्य में साल 1995 में अपनी सहपाठी कोलीन स्लेमर की निर्मम हत्या के लिए सजा पाने वाली पाइक पर यह प्रक्रिया इतिहास में पहली बार असफल साबित हुई। पाइक के वकील रैंडल स्पाइवे के अनुसार, घातक इंजेक्शन दिए जाने के बावजूद पाइक पूरी तरह जीवित थीं। प्रक्रिया विफल होने के बाद उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां वेंटिलेटर पर रखकर उनके शरीर से दवा का असर हटाया गया।

पेंटाबार्बिटल एक बार्बिट्यूरेट दवा है जो सीधे व्यक्ति के तंत्रिका तंत्र (नर्वस सिस्टम) पर हमला करती है। इसका उपयोग पहले बेहोशी के लिए किया जाता था, लेकिन अब यह प्रतिबंधित है और कुछ अमेरिकी राज्यों में मृत्युदंड के लिए इसका प्रयोग किया जाता है। रिसर्च के अनुसार, इस इंजेक्शन में पेंटाबार्बिटल सोडियम, प्रोपाइली ग्लाइकोल और अल्कोहल होता है। यह दिमाग में जीएबीए न्यूरोट्रांसमीटर को प्रभावित करता है, जिससे नसें धीरे-धीरे काम करना बंद कर देती हैं। इसे पेनलेस इसलिए कहा जाता है क्योंकि बेहोशी के कारण व्यक्ति दर्द महसूस नहीं कर पाता।

इंजेक्शन बेअसर होने के संभावित कारण

विशेषज्ञों और वकीलों ने इस प्रक्रिया में गड़बड़ी और पाइक के बचने की कई वजहें बताई हैं:

दवा की गुणवत्ता: हो सकता है कि इस्तेमाल की गई दवा पुरानी हो चुकी हो या उसका बैच सही न हो।

ड्रग्स का इतिहास: पाइक पर इस दवा का असर न होने की एक वजह यह भी हो सकती है कि उनका नशीली दवाओं के सेवन का पुराना इतिहास रहा हो।

तकनीकी या चिकित्सीय चूक: यह भी संभव है कि इंजेक्शन किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा लगाया गया हो जो इस प्रक्रिया में पूरी तरह प्रशिक्षित न हो, जिससे दवा का उचित प्रभाव नहीं पड़ा।

क्रिस्टा पाइक का आपराधिक इतिहास

क्रिस्टा पाइक को साल 1996 में 19 वर्षीय कोलीन स्लेमर की हत्या का दोषी ठहराया गया था। पाइक स्लेमर को अपनी प्रेमिका मानती थी और उसने एक सुनसान इलाके में स्लेमर के सिर पर जोरदार प्रहार करने के अलावा उसके शरीर पर कुछ उकेरकर बेहद निर्ममता से उसकी हत्या की थी।

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