जानकारी के अनुसार, बागबेड़ा निवासी जयप्रकाश ठाकुर को शनिवार रात करीब नौ बजे पेट दर्द और पेशाब नहीं होने की शिकायत पर एमजीएम अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था। परिजनों का कहना है कि डॉक्टरों ने मरीज का एक्स-रे कराया और दो इंजेक्शन देने के साथ सिरप पिलाया। इसके बाद रात करीब 10 बजे परिजन उन्हें लेकर घर जाने लगे।
घर लौटते समय बिगड़ी तबीयत, अस्पताल लाने पर मृत घोषित
घर लौटने के दौरान जयप्रकाश ठाकुर की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उन्हें उल्टियां होने लगीं। इसके बाद परिजन उन्हें दोबारा एमजीएम अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही परिजन नाराज हो गए और अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया।
मरीज की छुट्टी को लेकर परिजनों और अस्पताल के अलग-अलग दावे
मृतक के बेटे विनय ठाकुर ने आरोप लगाया कि ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों ने मरीज को घर ले जाने के लिए कहा था। वहीं, अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मरीज को छुट्टी नहीं दी गई थी। परिजन बिना किसी जानकारी के मरीज को लेकर अस्पताल से चले गए थे।
घटना के बाद अस्पताल परिसर में तनाव की स्थिति बन गई। हालांकि, पुलिस और होमगार्ड जवानों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हो गया। फिलहाल इलाज में लापरवाही के आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है।




