Lifestyle Adda: छोटे बच्चों की देखभाल करना किसी चुनौती से कम नहीं होता। घर में छोटा बच्चा होने पर परिवार का हर सदस्य उसकी सुरक्षा और सेहत को लेकर बेहद सतर्क रहता है। बच्चे को खुश रखने और उसे जल्दी चलना सिखाने के लिए माता-पिता अक्सर कई तरह के खिलौने, वॉकर और अन्य उत्पाद ले आते हैं। लेकिन प्यार में जाने-अनजाने की जाने वाली ये छोटी-छोटी लापरवाहियां बच्चे की सेहत के लिए भारी पड़ सकती हैं।
बच्चों की देखभाल से जुड़े तीन ऐसे ही उत्पादों और उनसे जुड़ी सावधानियों के बारे में जानना हर माता-पिता के लिए बेहद जरूरी है:
1. टीथर (Teether) और खिलौने
छोटे बच्चे रंग-बिरंगे खिलौनों को देखकर बहुत आकर्षित होते हैं और हर चीज को तुरंत मुंह में डालने की कोशिश करते हैं।
– समस्या: बच्चे अक्सर गंदे या धूल-मिट्टी से भरे टीथर या खिलौने मुंह में ले लेते हैं। कई बार बड़ों के हाथों के कीटाणु भी इन पर चिपके रहते हैं, जिनकी नियमित सफाई नहीं हो पाती।
– नुकसान: गंदे खिलौने इस्तेमाल करने से बच्चे को गंभीर संक्रमण (Infection) होने का खतरा रहता है। इसके कारण बच्चे को उल्टी, पेट दर्द, दस्त और डायरिया जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
– सुझाव: बच्चे को कोई भी खिलौना या टीथर देने से पहले उसे अच्छी तरह गर्म पानी या माइल्ड एंटीसेप्टिक से साफ करें।
2. वॉकर (Baby Walker)
अक्सर माता-पिता को लगता है कि वॉकर में बैठाने से बच्चा जल्दी चलना सीख जाएगा और उसकी पैरों की मांसपेशियां मजबूत होंगी।
– समस्या: हाल ही में कई शोध और चिकित्सा विशेषज्ञों ने यह बात स्पष्ट की है कि वॉकर का इस्तेमाल करने से बच्चे को खुद का शारीरिक संतुलन (Balance) बनाने में परेशानी आने लगती है।
– नुकसान: वॉकर की आदत पड़ने पर बच्चा डर-डर कर जमीन पर अपने कदम रखता है, जिससे उसकी प्राकृतिक चाल और विकास पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा, वॉकर के पलटने से बच्चों को गंभीर चोट लगने का खतरा भी बना रहता है।
3. दूध की बोतल (Feeding Bottle)
छोटे बच्चों के लिए मां का दूध ही सबसे उत्तम और संपूर्ण आहार माना जाता है। हालांकि, कामकाजी महिलाएं या अन्य कारणों से कई बार बच्चों को बोतल से दूध पिलाया जाता है।
– समस्या: यदि बोतल से दूध पिलाने के दौरान साफ-सफाई का पूरा ध्यान न रखा जाए, तो बोतल के जरिए हवा बच्चे के पेट में चली जाती है।
– नुकसान: पेट में हवा भरने से बच्चे को पेट दर्द, गैस और अपच की समस्या हो सकती है।
– सुझाव: अगर मजबूरी में बोतल से दूध पिलाना पड़े, तो हर बार इस्तेमाल करने से पहले बोतल और निप्पल को अच्छी तरह उबालकर (Sterilize करके) ही उपयोग में लाएं।





