हजारीबाग : सरकारी और वन भूमि की कथित अवैध खरीद-बिक्री और गलत तरीके से दाखिल-खारिज कराने के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने कार्रवाई की है। हजारीबाग ACB की टीम ने 7 अक्टूबर को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
ACB के अनुसार, इस मामले में हजारीबाग थाना कांड संख्या 11/25 के तहत 25 सितंबर 2025 को केस दर्ज किया गया था। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के साथ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
सरकारी और वन भूमि से जुड़ा मामला
ACB के मुताबिक, मामले में तत्कालीन अंचलाधिकारी, अंचल निरीक्षक, राजस्व उपनिरीक्षक और स्थानीय भू-माफियाओं पर सरकारी जमीन, वन भूमि और गैरमजरुआ खास जमीन को कथित तौर पर अवैध तरीके से हासिल करने, बेचने और दाखिल-खारिज कराने के आरोप हैं।
जांच के दौरान इस मामले में पहले भी तत्कालीन अंचलाधिकारी समेत कई सरकारी अधिकारियों, भू-माफियाओं, खरीदारों और विक्रेताओं को गिरफ्तार किया जा चुका है।
तीन लोगों की गिरफ्तारी
ACB की टीम ने 7 अक्टूबर को विश्वेश्वर प्रजापति (68), शंकर प्रजापति (62) और रामगति गुप्ता उर्फ रामगति प्रसाद (61) को गिरफ्तार किया।
तीनों आरोपी हजारीबाग जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के टोला मुकुंदगंज के रहने वाले बताए गए हैं। गिरफ्तारी के बाद तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।




