देवघर/साहिबगंज: देवघर और साहिबगंज में शुक्रवार से जितिया पर्व की शुरुआत हो गई। आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाने वाला यह पर्व माताओं के लिए विशेष महत्व रखता है। महिलाएं अपनी संतान की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और अच्छे भविष्य की कामना के लिए जितिया व्रत रखती हैं।
तीन दिनों तक चलने वाले इस पर्व में नहाय-खाय, निर्जला व्रत और पारण की परंपरा है। शुक्रवार को नहाय-खाय के साथ पर्व की शुरुआत हुई। देवघर में बाबा धाम से लेकर बाजारों तक पर्व को लेकर चहल-पहल देखने को मिली। महिलाओं ने पूजा सामग्री और अन्य जरूरी सामान की खरीदारी की।
बाजारों में बढ़ी चहल-पहल
जितिया पर्व को लेकर बाजारों में भीड़ बढ़ गई है। पर्व में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है। सतपथु करीब 200 रुपये किलो और झिंगली करीब 140 रुपये किलो तक बिक रही है। मछली बाजार में भी सुबह से लोगों की भीड़ देखने को मिली।
निर्जला व्रत रखेंगी महिलाएं
धर्माचार्यों के अनुसार शनिवार से महिलाएं निर्जला व्रत रखेंगी। यह व्रत रविवार सुबह तक चलेगा। इसके बाद महिलाएं पारण करेंगी। जितिया पर्व का संबंध राजा जीमूतवाहन की कथा से भी बताया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, राजा जीमूतवाहन ने एक मां के बेटे की रक्षा के लिए त्याग किया था।
वहीं, साहिबगंज में पर्व को लेकर महिलाओं ने मुक्तेश्वर गंगा घाट पर स्नान किया और गंगाजल लेकर घर पहुंचीं। महिलाओं का कहना है कि जितिया पर्व संतान के सुख और लंबी उम्र की कामना के लिए रखा जाता है।




