Career Adda: स्वास्थ्य और ओरल हाइजीन के प्रति आम लोगों में बढ़ती जागरूकता ने डेंटल केयर सेक्टर में संभावनाओं के नए द्वार खोल दिए हैं। मेडिकल फील्ड में करियर तलाश रहे छात्रों के लिए डेंटिस्ट्री एक मजबूत और लाभप्रद विकल्प बनकर उभरा है। इस क्षेत्र में पेशेवर बनने के लिए छात्रों को बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी (BDS) की डिग्री हासिल करनी होती है। देश भर के मेडिकल संस्थानों में बीडीएस की सीटों पर दाखिला राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) की मेरिट के आधार पर तय होता है।
देश के शीर्ष 4 डेंटल संस्थानों की स्थिति
डेंटल शिक्षा के लिए देश के सर्वश्रेष्ठ संस्थानों की सूची में चेन्नई स्थित ‘सविता इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड टेक्निकल साइंसेज’ ने पहला स्थान हासिल किया है। वहीं, उडुपी का ‘मणिपाल कॉलेज ऑफ डेंटल साइंसेज’ दूसरे पायदान पर काबिज है। तीसरे नंबर पर महाराष्ट्र का ‘डॉ. डी वाई पाटिल विद्यापीठ, पुणे’ शामिल है, जबकि चौथे स्थान पर लखनऊ की प्रतिष्ठित ‘किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी’ (KGMU) ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है।
कड़े कॉम्पिटिशन के बाद ही मिलता है दाखिला
इन शीर्ष चार संस्थानों में सीट हासिल करना आसान नहीं होता। देशभर के लाखों मेडिकल अभ्यर्थी नीट परीक्षा में शामिल होते हैं, जिसके चलते इन प्रमुख कॉलेजों की कटऑफ काफी ऊंची रहती है। उच्च रैंकिंग वाले संस्थानों में आधुनिक लैब, क्लिनिकल एक्सपोजर और अनुभवी फैकल्टी होने के कारण छात्रों के बीच यहां दाखिला लेने की होड़ मची रहती है। ऐसे में उम्मीदवारों को नीट में बेहतर ऑल इंडिया रैंक लानी होती है।
करियर स्कोप और बढ़ती मांग
आजकल लोग दांतों के इलाज के साथ-साथ कॉस्मेटिक डेंटिस्ट्री, स्माइल डिजाइनिंग और रूटीन ओरल चेकअप को लेकर काफी सतर्क हो चुके हैं। अस्पतालों, निजी क्लीनिकों और रिसर्च सेक्टर में कुशल बीडीएस स्नातकों की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में जो युवा मेडिकल में एमबीबीएस से इतर एक स्वतंत्र और स्थिर करियर बनाना चाहते हैं, उनके लिए डेंटिस्ट्री एक बेहतरीन जरिया साबित हो रहा है।




