रांची: झारखंड में NEET PG-2026 के तहत पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल पाठ्यक्रमों में दाखिले की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए जरूरी सूचना है। PG मेडिकल डिग्री, डिप्लोमा और DNB पाठ्यक्रमों में नामांकन से पहले अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा परिषद (JCECEB) राज्य मेधा सूची तैयार करने के साथ ऑनलाइन काउंसलिंग की प्रक्रिया पूरी करेगा। परिषद ने अभ्यर्थियों को आवेदन करने से पहले सभी जरूरी प्रमाण पत्र और दस्तावेज अपडेट रखने की सलाह दी है।
श्रेणी में अंतर होने पर अनारक्षित वर्ग में आवेदन
JCECEB के अनुसार, NEET PG-2026 के मूल आवेदन में दर्ज श्रेणी और राज्य मेधा सूची के आवेदन में दर्ज श्रेणी अलग होने पर अभ्यर्थी को अनारक्षित श्रेणी में रखा जाएगा।
इसलिए राज्य मेधा सूची के लिए आवेदन करते समय अभ्यर्थियों को श्रेणी का चयन सावधानी से करने की सलाह दी गई है। आवेदन में दी गई जानकारी का NEET PG के मूल आवेदन से मिलान किया जाएगा।
आरक्षित श्रेणी के लिए प्रमाण पत्र जरूरी
SC, ST, BC-I (NCL), BC-II (NCL) और EWS श्रेणी का लाभ लेने वाले अभ्यर्थियों को वैध प्रमाण पत्र देना होगा। झारखंड में इन श्रेणियों के लिए SDO या उससे ऊपर के सक्षम अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र मान्य होगा।
केंद्रीय और राज्य की जाति सूची में अंतर होने पर अभ्यर्थी को मूल जाति प्रमाण पत्र अपलोड करना होगा। दस्तावेजों की जांच के बाद ही आरक्षित श्रेणी के दावे पर फैसला होगा।
NEET PG में OBC श्रेणी के अभ्यर्थियों को झारखंड की आरक्षण व्यवस्था के अनुसार BC-I या BC-II श्रेणी का विकल्प चुनना होगा।
PWD अभ्यर्थियों के लिए RIMS का प्रमाण पत्र
PWD कोटे से दाखिला लेने वाले अभ्यर्थियों के लिए केवल RIMS, रांची द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र मान्य होगा। वहीं, इन-सर्विस कोटे के अभ्यर्थियों को संबंधित सिविल सर्जन द्वारा जारी प्रमाण पत्र देना होगा।
काउंसलिंग से पहले दस्तावेज करें तैयार
JCECEB राज्य मेधा सूची और ऑनलाइन काउंसलिंग के दौरान दस्तावेजों की जांच करेगा। ऐसे में अभ्यर्थियों को स्थानीय निवासी, जाति, EWS, PWD समेत सभी जरूरी प्रमाण पत्र पहले से तैयार रखने की सलाह दी गई है।
दस्तावेजों में किसी तरह की गलती या जानकारी में अंतर होने पर समय रहते उसे ठीक करा लेना जरूरी होगा।




