रांची : JPSC की 21 परीक्षाओं में पेपर लीक, ओएमआर शीट में हेराफेरी और अन्य अनियमितताओं की शिकायतों की जांच अब तेज हो गई है। पुलिस मुख्यालय ने इस जांच के लिए CID के 35 अधिकारियों की छह विशेष टीमें बनाई हैं। सभी अधिकारियों को CID में योगदान देने का निर्देश दिया गया है।
जांच के लिए दो डीआईजी और तीन एसपी स्तर के अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। डीआईजी जैप कार्तिक एस और डीआईजी एसटीएफ इंद्रजीत महथा के नेतृत्व में एसपी अभियान दीपक कुमार शर्मा, एसपी वायरलेस प्रशांत आनंद और एसपी सौरभ जांच को आगे बढ़ाएंगे। टीम में डीएसपी, इंस्पेक्टर और दारोगा भी शामिल किए गए हैं।
JSSC CGL मामले में पहले से SIT कर रही जांच
JSSC CGL पेपर लीक मामले की जांच के लिए IG अनूप बिरथरे के नेतृत्व में 17 सदस्यीय SIT पहले से काम कर रही है। टीम मामले से जुड़े अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रही है।
JSSC और JPSC परीक्षाओं में गड़बड़ी की जांच कर रही SIT को सात जिलों से 45 अतिरिक्त पुलिसकर्मी भी उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें 15 सब-इंस्पेक्टर और 30 हवलदार व आरक्षी शामिल हैं। इन्हें रांची, हजारीबाग, गुमला, सिमडेगा, बोकारो, रामगढ़ और खूंटी से भेजा गया है।
फूड इंस्पेक्टर से पुलिस ने की पूछताछ
JSSC CGL पेपर लीक मामले में गावां थाना पुलिस ने मंगलवार रात फूड इंस्पेक्टर संजय कुमार को उनके पिहरा बाजार स्थित आवास से हिरासत में लिया। पुलिस ने उनसे देर रात तक पूछताछ की और बाद में उन्हें छोड़ दिया।
पुलिस के अनुसार, संजय कुमार पर नौकरी दिलाने के नाम पर कथित सेटिंग करने का आरोप है। पुलिस उनके मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।




