Kabul, (Afghanistan): अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर चल रहे तनाव ने सोमवार तड़के बेहद खतरनाक रूप ले लिया। 21 सितंबर 2026 को तड़के करीब 3:30 बजे पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने पूर्वी अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में हवाई हमले किए। यह बमबारी नूरगल जिले के पतंग इलाके को निशाना बनाकर की गई। हमला उस वक्त हुआ जब स्थानीय ग्रामीण गहरी नींद में थे। अचानक हुए धमाकों से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। फिलहाल इस एयरस्ट्राइक में हताहतों और संपत्तियों के नुकसान का आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है।
सीमा पर महीनों से जारी तनाव के बाद भड़की आग
दोनों देशों के बीच लंबे समय से सीमा पर सैन्य झड़पें और आतंकवाद को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। पाकिस्तान का दावा रहा है कि अफगान जमीन का इस्तेमाल उसके खिलाफ आतंकी गतिविधियों के लिए हो रहा है, जबकि अफगान पक्ष लगातार इन सैन्य अभियानों की मुखालफत करता रहा है। इससे पहले फरवरी 2026 में सीमा पर तनाव चरम पर पहुंच गया था, जहां तालिबान लड़ाकों और पाकिस्तानी सेना के बीच कई मोर्चों पर सीधी गोलीबारी हुई थी।
27 फरवरी को भी हुई थी भारी सैन्य कार्रवाई
तनाव बढ़ने के बाद 27 फरवरी को पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान के भीतर काबुल, कंधार और पख्तिया समेत कई इलाकों में हवाई और जमीनी हमले तेज कर दिए थे। मार्च के मध्य तक दोनों ओर से लगातार हमले होते रहे। बाद में कतर, सऊदी अरब और तुर्की के राजनयिक दखल के चलते ईद-उल-फितर पर एक अस्थायी सीजफायर हुआ था। हालांकि, यह शांति ज्यादा दिन नहीं टिकी और सीमावर्ती इलाकों में लगातार छिटपुट टकराव की खबरें आती रहीं।
अक्टूबर 2025 से गहरा रहा सीमा विवाद
इससे पहले अक्टूबर 2025 में भी दोनों पक्षों के बीच भीषण सीमा संघर्ष देखने को मिला था। ताजा हवाई हमलों ने डूरंड रेखा के दोनों तरफ सुरक्षा चिंताओं को फिर से गहरा कर दिया है। कुनार प्रांत के स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित इलाके की घेराबंदी कर नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है, जबकि सीमावर्ती चौकियों पर दोनों सेनाएं एक बार फिर हाई अलर्ट पर हैं।





