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जमीन के रिकॉर्ड में गड़बड़ी तो नहीं? 32 अंचलों में अचानक पहुंच गए अधिकारी

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने 31 अक्टूबर तक जमाबंदी सुधार और लंबित उत्तराधिकार नामांतरण के मामलों के निष्पादन को लेकर निगरानी बढ़ा दी है।

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Patna: बिहार में जमाबंदी सुधार अभियान की निगरानी अब और तेज कर दी गई है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने शनिवार को मुख्यालय से 16 पदाधिकारियों को 16 जिलों के 32 अंचलों में औचक निरीक्षण के लिए भेजा। अधिकारियों ने अंचल कार्यालयों में ऑनलाइन सेवाओं, अभिलेखागार के रखरखाव और 45 दिवसीय विशेष अभियान की प्रगति की जमीनी स्थिति की जांच की। विभाग का फोकस यह सुनिश्चित करना है कि जमाबंदी सुधार एवं उत्तराधिकार नामांतरण विशेष अभियान सिर्फ कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि इसका लाभ आम लोगों तक समय पर पहुंचे।

जमाबंदी की त्रुटियों और लंबित नामांतरण की हुई जांच

औचक निरीक्षण के दौरान जमाबंदी में दर्ज त्रुटियों को सुधारने, रिक्त प्रविष्टियों को भरने और लंबित उत्तराधिकार नामांतरण मामलों के निष्पादन की स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों को अभियान के तहत निर्धारित कार्यों को तय समय-सीमा में पूरा कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

31 अक्टूबर तक पूरा करना है अभियान का लक्ष्य

15 सितंबर से 31 अक्टूबर तक चल रहे 45 दिवसीय विशेष अभियान में जमाबंदी अभिलेखों को दुरुस्त करने और उत्तराधिकार नामांतरण के लंबित मामलों का निष्पादन करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यालय की ओर से लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। औचक निरीक्षण के जरिए यह भी देखा जा रहा है कि अलग-अलग अंचलों में अभियान की वास्तविक प्रगति क्या है और निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के लिए कहां अतिरिक्त तेजी की जरूरत है।

ऑनलाइन सेवाओं और अभिलेखागार का भी जायजा

निरीक्षण के दौरान अंचल कार्यालयों में उपलब्ध ऑनलाइन सेवाओं की स्थिति की भी जांच की गई। इसके अलावा अभिलेखागार में जमीन से जुड़े दस्तावेजों के रखरखाव और संधारण व्यवस्था को भी देखा गया। अधिकारियों ने नवंबर में वासविहीन परिवारों को पर्चा निर्गत करने की तैयारियों की भी समीक्षा की।

इन 32 अंचलों में हुई औचक जांच

औचक निरीक्षण के लिए विभाग की ओर से तैनात अधिकारियों ने इन अंचलों का दौरा किया:

  • मुजफ्फरपुर: मोतीपुर, कांटी — कमलेश कुमार सिंह
  • भोजपुर: आरा सदर, उदवंतनगर — गिरिधारी लाल
  • गोपालगंज: थावे, हथुआ — संजय कुमार सिंह
  • अरवल: करपी, कलेर — डॉ. सुनील कुमार
  • वैशाली: हाजीपुर सदर, बिदुपुर — मणि भूषण किशोर
  • पटना: पटना सदर, पालीगंज — मोना झा
  • सिवान: सिवान सदर, बसंतपुर — मो. नवाजिश अख्तर
  • जमुई: जमुई, गिद्धौर — अविनाश कुमार
  • जहानाबाद: जहानाबाद सदर, मखदुमपुर — अशोक कुमार शर्मा
  • शेखपुरा: बरबीघा, शेखपुरा सदर — अरविन्द कुमार
  • औरंगाबाद: दाउदनगर, बारुण — शिवजी
  • सारण: छपरा सदर, दीघवारा — जितेन्द्र कुमार
  • रोहतास: डेहरी ऑनसोन, तिलौथू — कुन्दन कुमार
  • नवादा: नवादा सदर, हिसुआ — राजीव पाण्डेय
  • गया: गया सदर, बोधगया — श्रीराम
  • नालंदा: बिहारशरीफ, रहुई — प्रशान्त गौरव

विभाग के अनुसार, अभियान की प्रगति पर लगातार नजर रखी जा रही है। नियमित मॉनिटरिंग और औचक निरीक्षण के जरिए तय समय-सीमा में काम पूरा कराने तथा लोगों को जमीन से जुड़ी सेवाएं समय पर उपलब्ध कराने पर जोर है।

“जमाबंदी सुधार एवं उत्तराधिकार नामांतरण विशेष अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अभियान की प्रभावी निगरानी के लिए 16 पदाधिकारियों को 32 अंचलों में औचक निरीक्षण की जिम्मेदारी दी गई है। हमारा लक्ष्य है कि 31 अक्टूबर तक जमाबंदी की त्रुटियों का सुधार, रिक्त प्रविष्टियों को भरने और लंबित उत्तराधिकार नामांतरण के मामलों का निष्पादन निर्धारित समय-सीमा में सुनिश्चित हो।”

— डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल, मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग

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