Patna / New Delhi — भारत के उभरते इलेक्ट्रॉनिक्स और हाई-टेक विनिर्माण परिदृश्य में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के उद्देश्य से बिहार सरकार ने एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है। वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग के साथ राज्य के जुड़ाव को सशक्त करने के लिए बिहार उद्योग विभाग नई दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित तीन दिवसीय ‘सेमीकॉन इंडिया 2026’ में सक्रिय भागीदारी निभा रहा है। इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सेमीकंडक्टर एसोसिएशन (IESA) की ओर से 17 से 19 सितंबर तक आयोजित इस प्रतिष्ठित सम्मेलन में बिहार के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व रेजिडेंट कमिश्नर मनोज कुमार सिंह और एमएसएमई निदेशक अमन समीर कर रहे हैं।
अमेरिका और जापान के निवेशकों संग राउंडटेबल चर्चा
सम्मेलन के दौरान बिहार के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिका और जापान के प्रमुख औद्योगिक हितधारकों व तकनीकी विशेषज्ञों के साथ विशेष राउंडटेबल बैठकें कीं। इस दौरान राज्य में सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन, असेंबली, टेस्टिंग, पैकेजिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं मैन्युफैक्चरिंग (ESDM) क्षेत्र में निवेश की असीम संभावनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को बिहार के तेजी से विकसित होते औद्योगिक बुनियादी ढांचे, निर्बाध कनेक्टिविटी और कुशल मानव संसाधन के बारे में आश्वस्त किया।
‘बिहार सेमीकंडक्टर पॉलिसी 2026’ का प्रभावी प्रदर्शन
ग्लोबल टेक दिग्गजों को आकर्षित करने के लिए सरकार द्वारा ‘बिहार सेमीकंडक्टर पॉलिसी 2026’ के तहत दिए जाने वाले आकर्षक प्रोत्साहनों, सब्सिडी और नीतिगत सहयोग को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने कई दौर की बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (B2G) बैठकों में हिस्सा लेकर संभावित निवेशकों को सिंगल विंडो क्लीयरेंस और सुगम औद्योगिक माहौल का भरोसा दिलाया। राज्य का फोकस केवल पारंपरिक उद्योगों तक सीमित न रहकर भविष्य की तकनीक और सेमीकंडक्टर हब के रूप में बिहार को स्थापित करने पर है।




