नई दिल्ली: टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने अपना मौजूदा कार्यकाल पूरा होने के बाद दोबारा चेयरमैन नहीं बनने का फैसला किया है। टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने कहा कि यह चंद्रशेखरन का अपना व्यक्तिगत फैसला है। कंपनी या बोर्ड की ओर से उन पर कोई दबाव नहीं था।
बोर्ड ने दोबारा नियुक्ति का समर्थन किया था
टाटा संस के अनुसार, कंपनी के बोर्ड ने 63 वर्षीय एन. चंद्रशेखरन को अगले पांच साल के लिए फिर से चेयरमैन बनाने के पक्ष में मतदान किया था। इसके बावजूद चंद्रशेखरन ने बोर्ड को बताया कि वह 20 फरवरी 2027 को मौजूदा कार्यकाल खत्म होने के बाद पद पर नहीं रहना चाहते।
नोएल टाटा ने कहा कि चंद्रशेखरन का यह फैसला उनकी अपनी इच्छा से लिया गया है। इसका किसी बोर्ड प्रस्ताव या समीक्षा प्रक्रिया से संबंध नहीं है। चंद्रशेखरन ने फरवरी 2017 में रतन टाटा के बाद टाटा संस के चेयरमैन का पद संभाला था।
अगले चेयरमैन के नाम पर अभी स्थिति साफ नहीं
एन. चंद्रशेखरन के बाद टाटा संस का अगला चेयरमैन कौन होगा, इस पर अभी कोई नाम तय नहीं हुआ है। नोएल टाटा के अनुसार, आमतौर पर टाटा संस का चेयरमैन कंपनी के किसी निदेशक को बनाया जाता है।
उन्होंने कहा कि नए चेयरमैन के नाम पर औपचारिक प्रस्ताव रखने से पहले निदेशक पद से जुड़ी स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि ऐसे व्यक्ति को चेयरमैन बनाने की कोशिश होती है, जिसके निदेशक बनने पर सवाल हो, तो शेयरहोल्डर इसे कानूनी चुनौती दे सकते हैं।
टाटा ट्रस्ट्स और शेयरहोल्डर्स ने चंद्रशेखरन के फैसले को स्वीकार कर लिया है। अब कंपनी आगे की प्रक्रिया पर काम करेगी।




