पटना: राज्य आयुष समिति, बिहार द्वारा राष्ट्रीय आयुष मिशन (आयुष मंत्रालय, भारत सरकार) के सहयोग से मांसपेशी एवं कंकाल संबंधी विकारों के उपचार को लेकर दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इस कार्यक्रम का उद्घाटन राज्य आयुष समिति के कार्यपालक निदेशक वैभव चौधरी और प्रशासी पदाधिकारी मो. शफीक ने संयुक्त रूप से किया।
कार्यपालक निदेशक वैभव चौधरी ने कहा कि आम जनता को गुणवत्तापूर्ण और बेहतर इलाज मुहैया कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशिक्षण का मकसद सिर्फ डॉक्टरों को नई जानकारी देना नहीं, बल्कि उसका सीधा लाभ मरीजों तक पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के प्रभाव को जांचने के लिए जिलों में फील्ड विजिट कर मरीजों से फीडबैक लिया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट गाइडलाइन (एसटीजी) का पालन जमीनी स्तर पर हो रहा है।
प्रशासी पदाधिकारी मो. शफीक ने कहा कि इस कार्यशाला से डॉक्टरों को आधुनिक चिकित्सा पद्धतियां सीखने और आपस में व्यावहारिक अनुभव साझा करने का मौका मिल रहा है, जिससे वे अपने जिलों में मरीजों को अधिक प्रभावी इलाज दे सकेंगे।
यह प्रशिक्षण तीन चरणों में आयोजित किया गया है:
प्रथम चरण (8-9 सितंबर): आयुर्वेदिक चिकित्सकों का प्रशिक्षण
द्वितीय चरण (10-11 सितंबर): यूनानी चिकित्सकों का प्रशिक्षण
तृतीय चरण (15-16 सितंबर): होम्योपैथिक चिकित्सकों का प्रशिक्षण
कार्यक्रम के दौरान डॉ. श्याम सुंदर (निदेशक प्रमुख, होम्योपैथिक), डॉ. हरेन्द्र कुमार दास (उप निदेशक), डॉ. धनंजय शर्मा (राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी), प्रो. डॉ. रविन्द्र कुमार सिंह (प्रिंसिपल, आरबीटीएस कॉलेज, मुजफ्फरपुर) और धीरज कुमार (एचएमआईएस प्रबंधक) सहित कई वरिष्ठ अधिकारी व चिकित्सक उपस्थित रहे।



