गुमला: रायडीह प्रखंड की जरजट्टा पंचायत अंतर्गत चारका टांगर तेतरकोना गांव के ग्रामीणों ने मंगलवार को समाहरणालय पहुंचकर उपायुक्त (डीसी) को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने गांव में पक्की सड़क न होने से आ रही गंभीर दिक्कतों से उपायुक्त को अवगत कराया, जिस पर डीसी ने एक सप्ताह के भीतर स्वयं गांव आकर वस्तुस्थिति का जायजा लेने का भरोसा दिया है।
प्रखंड मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर बसे इस आदिवासी बाहुल्य गांव में लगभग 15 परिवार रहते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, गांव तक पहुंचने के लिए कोई संपर्क सड़क नहीं है। लोगों को खेतों के बीच बने डोभा और कच्चे रास्तों से होकर आना-जाना पड़ता है, जहां पैदल चलना भी दूभर है।
सड़क के अभाव में आपातकालीन स्थिति में गांव तक एम्बुलेंस नहीं पहुंच पाती। मरीज या गर्भवती महिलाओं को इलाज के लिए खाट, डोली या कांवड़ के सहारे 2 किलोमीटर दूर मुख्य मार्ग तक पैदल ले जाना पड़ता है, जिसके बाद ही कोई वाहन मिल पाता है।
ग्रामीणों ने उपायुक्त से मांग की है कि चारका टांगर तेतरकोना गांव तक जल्द से जल्द 2 किलोमीटर पक्की (कालीकृत) सड़क का निर्माण कराया जाए। ज्ञापन सौंपने के दौरान समाजसेवी कमल किशोर किसान के साथ अनिता देवी, सुखमईन देवी, ललिता देवी, सुलेश्वरी कुमारी, दुर्गावती देवी, भुटईन देवी, जिरमुनी देवी, तारामुनी देवी सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।



