Patna: राज्य के सबसे बड़े अस्पताल पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) को देश के अग्रणी स्वास्थ्य संस्थानों के समकक्ष खड़ा करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। अस्पताल के पुनर्विकास के तहत 500 बेड की क्षमता वाला 9 मंजिला तीसरा ब्लॉक बनकर तैयार हो चुका है, जिसे सितंबर के अंतिम सप्ताह तक पूरी तरह शुरू कर दिया जाएगा। इस नए ब्लॉक के चालू होने से मरीजों को रजिस्ट्रेशन, ओपीडी, इमरजेंसी, जांच और दवा वितरण की तमाम सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिल सकेंगी।
पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट के अंतर्गत लगभग 5,544 करोड़ रुपये की लागत से पीएमसीएच को 5,462 बेड वाले विश्वस्तरीय अस्पताल के रूप में बदला जा रहा है। तीन चरणों में चल रही इस परियोजना के पहले चरण में दो नए टावरों के जरिए 1,117 बेड, 65 आईसीयू बेड और 44 पोस्ट आईसीयू बेड पहले ही शुरू किए जा चुके हैं।
पीएमसीएच में अत्याधुनिक सुविधाओं का विस्तार
ट्रायज सिस्टम से तुरंत मिलेगा इलाज
इमरजेंसी वार्ड में मरीजों की गंभीरता के आधार पर प्राथमिकता तय करने के लिए सितंबर के आखिरी हफ्ते से ट्रायज सिस्टम लागू किया जा रहा है। इसके तहत मरीजों को लाल, पीला और हरा श्रेणी के बेड आवंटित किए जाएंगे।
अत्यधिक गंभीर मरीजों को बिना किसी देरी के तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम की निगरानी में इलाज मिल सकेगा। यहां कार्डियोलॉजी, न्यूरो सर्जरी, ट्रॉमा और ऑर्थोपेडिक समेत कई प्रमुख विभागों के विशेषज्ञ चौबीसों घंटे तैनात रहेंगे।
एम्स से 25 प्रतिशत सस्ती जांच और अमृत फार्मेसी
अस्पताल के नए भवन में सेंट्रलाइज्ड रेडियोलॉजी सिस्टम शुरू किया गया है, जिसके तहत एमआरआई, सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड जैसी जांचें पटना एम्स की तुलना में 25 प्रतिशत कम दर पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।
इसके साथ ही, मरीजों को रियायती दरों पर सर्जिकल सामान और दवाएं उपलब्ध कराने के लिए एचएलएल लाइफकेयर द्वारा संचालित अमृत फार्मेसी को भी नए स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया है।
ओपीडी में रिकॉर्ड मरीज, बच्चों के लिए बढ़ेंगे बेड
बीते अगस्त महीने में पीएमसीएच की ओपीडी में कुल 52,059 मरीज पहुंचे, जिनमें सबसे अधिक 10,584 मरीज त्वचा एवं कुष्ठ रोग विभाग में दर्ज किए गए। इसके अलावा बाल चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए नीकू (NICU) बेड की संख्या 58 से बढ़ाकर 78 की जा रही है और 1000 बेड का रैन बसेरा भी तैयार किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि ने डॉक्टरों को सुबह 9 से शाम 5 बजे तक उपस्थिति और इमरजेंसी में दो बार राउंड सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, वहीं स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने इसे बिहार को सुलभ विशेषज्ञ इलाज देने का संकल्प बताया।




