रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा में कथित गड़बड़ी से जुड़े मामले में जेल में बंद मुख्य आरोपी अभय तिवारी की जमानत याचिका पर रांची की अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।
मंगलवार को अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत में मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान बचाव पक्ष और सीआईडी ने अपनी-अपनी दलीलें रखीं। दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद अदालत ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया।
पैसे लेकर नौकरी दिलाने का आरोप
जांच एजेंसी के अनुसार, अभय तिवारी परीक्षा आयोजित करने वाली कंपनी TDPL में मार्केटिंग मैनेजर रह चुके हैं। आरोप है कि उन्होंने अपने रिश्तेदारों समेत कई अभ्यर्थियों से पैसे लेकर नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था।
जांच के दौरान अभय तिवारी के बयान के आधार पर JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल ख्यांग्ते की कथित भूमिका भी सामने आई थी। इसके बाद सीआईडी ने उन्हें गिरफ्तार किया था और फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में हैं।
20 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी
JPSC परीक्षा में कथित अनियमितता के मामले की जांच सीआईडी कांड संख्या 16/2026 के तहत कर रही है। जांच के दौरान अब तक 20 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
सीआईडी परीक्षा प्रक्रिया में कथित वित्तीय और प्रशासनिक गड़बड़ियों की जांच कर रही है। अब सभी की नजर अदालत के फैसले पर है कि अभय तिवारी को जमानत मिलती है या उन्हें जेल में ही रहना होगा।




