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“समय मिले तो बम बनाना सिखा दूं”, जज से बोले थे खुदीराम बोस

Bokaro news: भारत स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिवीर पुष्प शहीद खुदीराम बोस के 118 वीं शहादत दिवस के अवसर पर मंगलवार को चन्दनकियारी प्रखण्ड के दुबेकाटा मोड़ पर पुष्प शहीद खुदीराम बोस के चित्र पर मल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी. अध्यक्षता ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर

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Bokaro news: भारत स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिवीर पुष्प शहीद खुदीराम बोस के 118 वीं शहादत दिवस के अवसर पर मंगलवार को चन्दनकियारी प्रखण्ड के दुबेकाटा मोड़ पर पुष्प शहीद खुदीराम बोस के चित्र पर मल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी. अध्यक्षता ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के राज्य सचिव कुमुद महतो ने किया जबकि संचालन संयुक्त किसान मोर्चा चन्दनकियारी के संयोजक जगन्नाथ रजवार ने किया. वहीं कुमुद महतो ने कहा कि खुदीराम बोस भारत के सबसे कम उम्र के महान स्वतंत्रता सेनानियों में से एक थे.

उनका जन्म 3 दिसंबर 1889 को पश्चिम बंगाल के मिदनापुर जिले के बहुवैनी (हबीबपुर) गांव में हुआ था. मात्र 18 वर्ष की आयु में 11 अगस्त 1908 को उन्हें अंग्रेजों ने मुजफ्फरपुर जज किंग्सफोर्ड की हत्या के प्रयास के आरोप में फांसी दे दी थी. श्री महतो ने आगे कहा कि शहीद बोस के ऐतिहासिक मुकदमे का मुजफ्फरपुर स्थित अदालत भवन और उनका कठघरा इस ऐतिहासिक धरोहर को संग्रहालय में संरक्षित करने की जरूरत है. 30 अप्रैल, 1908 को खुदीराम बोस ने अत्याचारी अंग्रेज मजिस्ट्रेट किंग्सफोर्ड की बग्घी पर बम फेंका था. हालांकि, उस बग्घी में किंग्सफोर्ड की जगह ब्रिटिश बैरिस्टर प्रिंगले की पत्नी और बेटी सवार थीं, जिनकी इस घटना में मौत हो गई थी.

एक मई को गिरफ्तारी के बाद कार्नडाफ की अदालत में मामले की सुनवाई शुरू हुई थी। स्वतंत्रता सेनानी खुदीराम बोस की ओर से अधिवक्ता कालिदास बसु, उपेंद्रनाथ सेन और क्षेत्रनाथ बंदोपाध्याय ने बिना कोई फीस लिए उनका मुकदमा लड़ा था.

वहीं संयुक्त किसान मोर्चा चन्दनकियारी के संयोजक रजवार ने कहा कि 13 जून, 1908 को जब जज ने फांसी की सजा सुनाई तो खुदीराम मुस्कुराने लगे.जज के पूछने पर उन्होंने निर्भीकता से कहा कि अगर थोड़ा समय मिले तो वह जज को भी बम बनाना सिखा सकते हैं. इसके बाद 11 अगस्त को उन्हें फांसी दे दी गई. उनके विचारों को आत्मसात कर उनके द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलने की संकल्प लेने कि जरूरत है. संयुक्त किसान मोर्चा चंदनकियारी प्रखंड कमिटी की ओर से सभी बक्ताओं ने कहा कि जेपीएससी व जेएसएससी में अनियमितता का विरोध कर रहे छात्र संगठनों ने पूर्व निर्धारितकार्यक्रम के तहत् विधान सभा मार्च निकला था शांति पूर्वक यह मार्च विधानसभा की ओर जा रहा था की अचानक पुलिस ने बर्बरता पूर्वक छात्रों पर लाठी चार्ज किया.

जिसका संयुक्त किसान मोर्चा ने घोर निंदा की.और राज्य सरकार को बड़ी चेतावनी दी.कि आने वाला दिन किसान भी चुप नहीं रहेगी इसके लिए छात्र आंदोलन के समर्थन में जुझारू किसान आंदोलन भी आन्दोलन करने के लिए बाध्य होगी. जिसका सम्पूर्ण जिम्मेवारी सरकार व सरकार की प्रतिनिधि की होगी।मौके पर हरिपद महतो, गोखुल रजवार, सुरेश कुमार महतो, जलील अंसारी, डॉ. कमल प्रसाद महतो, निवास महतो, रमेश महतो, शंकर रजवार, परिक्षित महतो, नकुल महतो आदि शामिल रहे।

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