Amsterdam, Netherlands: पैरासिटामोल वाली एक अनोखी आइसक्रीम की कहानी सोशल मीडिया पर फिर चर्चा में है। दावा किया जा रहा है कि इसे खाने से सिरदर्द तुरंत दूर हो जाता है, लेकिन उपलब्ध जानकारी के मुताबिक यह आइसक्रीम आम लोगों के लिए नियमित रूप से कभी नहीं बेची गई। इसे साल 2016 में नीदरलैंड में एक प्रदर्शन के तौर पर तैयार किया गया था।
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पैरासिटामोल वाली आइसक्रीम की क्या है कहानी?
यह मामला नीदरलैंड के एक पेस्ट्री शेफ मैडी से जुड़ा बताया जाता है। उन्होंने कार्निवल के दौरान एक प्रदर्शन के लिए पैरासिटामोल मिलाकर मेडिसिन-इन्फ्यूज्ड जेलाटो तैयार किया था। इसमें दवा मिलाने का उद्देश्य लोगों का ध्यान आकर्षित करना और एक अनोखी चीज पेश करना था। इसके बाद आइसक्रीम की चर्चा सोशल मीडिया और स्थानीय मीडिया में तेजी से फैल गई।
आइसक्रीम को आम बिक्री की मंजूरी नहीं मिली
सोशल मीडिया पर इस कहानी को कई बार इस तरह पेश किया गया कि पैरासिटामोल वाली आइसक्रीम बाजार में बिकती थी। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार ऐसा नहीं था। इसे आम लोगों के लिए नियमित रूप से बेचने की मंजूरी नहीं मिली। दवा की मात्रा, सुरक्षा और दवाओं से जुड़े नियामक नियमों के कारण इस तरह के उत्पाद को सार्वजनिक बिक्री के लिए मंजूरी नहीं दी गई।
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दवा की मात्रा को लेकर बढ़ सकता है खतरा
पैरासिटामोल जैसी दवाओं में सही खुराक का ध्यान रखना जरूरी होता है। आइसक्रीम जैसे खाद्य पदार्थ में दवा मिलाने पर हर व्यक्ति को कितनी मात्रा मिल रही है, इसे नियंत्रित करना मुश्किल हो सकता है। एक चिंता यह भी है कि कोई व्यक्ति पहले से पैरासिटामोल की दवा ले चुका हो और इसके बाद अनजाने में ऐसी आइसक्रीम खा ले। इससे शरीर में दवा की मात्रा जरूरत से ज्यादा पहुंच सकती है।
पैरासिटामोल का इस्तेमाल सावधानी से जरूरी
पैरासिटामोल की अधिक मात्रा स्वास्थ्य के लिए गंभीर नुकसान का कारण बन सकती है, जिसमें लिवर को नुकसान भी शामिल है। इसलिए दवा को सामान्य खाद्य पदार्थ की तरह इस्तेमाल करना सुरक्षित नहीं माना जा सकता। सोशल मीडिया पर वायरल इस कहानी को सिरदर्द के इलाज के तौर पर नहीं देखना चाहिए। पैरासिटामोल का इस्तेमाल हमेशा निर्धारित खुराक और उचित चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ही किया जाना चाहिए।




