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शिक्षा व्यवस्था सुधारने की तैयारी, परीक्षा के लिए बनेगी समिति: CM सम्राट

बिहार में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए राज्य स्तरीय समिति और परीक्षा सुधार समिति गठित की गई है, वहीं छात्रों की समस्याओं के लिए विशेष सहयोग शिविर होंगे।
बिहार शिक्षा सुधार -सम्राट चौधरी

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Patna: बिहार में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने कई फैसले लिए हैं। CM सम्राट चौधरी ने रविवार को एक्स पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और आधुनिक बनाने तथा छात्रों की समस्याएं सुनने के लिए विशेष पहल की जा रही है।

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गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए बनी राज्य स्तरीय समिति

CM ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को हर विद्यालय तक पहुंचाने के लिए राज्य स्तरीय समिति का गठन किया गया है। इसका उद्देश्य प्रत्येक विद्यालय को उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में विकसित करना और छात्रों के सीखने के स्तर में लगातार सुधार सुनिश्चित करना है। राज्य सरकार की ओर से हाल में 551 सरस्वती विद्या निकेतन आदर्श विद्यालय भी शुरू किए गए हैं। इन विद्यालयों में आधुनिक और तकनीक आधारित शिक्षा पर जोर दिया जा रहा है।

परीक्षा सुधार के लिए भी बनेगी व्यवस्था

CM के अनुसार, बिहार में परीक्षाओं को सुचारु, पारदर्शी, निष्पक्ष और आधुनिक बनाने के लिए राज्य स्तरीय परीक्षा सुधार समिति का गठन किया गया है। समिति बोर्ड और प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ कक्षा आधारित मूल्यांकन में तकनीक और एआई के इस्तेमाल से जुड़े सुझाव देगी। इसका उद्देश्य छात्रों के ज्ञान, समझ और विश्लेषण क्षमता का बेहतर आकलन करना है।

छात्रों की समस्याएं सुनेंगे CM और जनप्रतिनिधि

CM ने कहा कि शिक्षा सुधार के लिए विशेष सहयोग शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में CM, मंत्री, सांसद, विधायक और छात्रों के साथ संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने जाएंगे। बिहार में ‘सहयोग शिविर’ की शुरुआत मई 2026 में हुई थी। इसका उद्देश्य लोगों की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान करना है और इसे पंचायत स्तर तक आयोजित किया जा रहा है।

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छात्र कल्याण के लिए निदेशालय का गठन

CM के अनुसार, छात्रों के कल्याण से जुड़े कार्यों के बेहतर समन्वय और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभागों में निदेशालय का गठन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर परीक्षा व्यवस्था और छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए बिहार सरकार प्रतिबद्ध है।

पांच वर्षों में 1 लाख शिक्षकों की नियुक्ति

राज्य सरकार की ओर से शिक्षा क्षेत्र में पिछले 116 दिनों में लिए गए फैसलों का भी उल्लेख किया गया है। इनमें अगले पांच वर्षों में 1 लाख शिक्षकों की नियुक्ति और शिक्षकों के पारदर्शी स्थानांतरण की व्यवस्था शामिल है। सरकार ने सभी प्रखंडों में मॉडल स्कूल विकसित करने और 211 नवस्थापित डिग्री कॉलेजों में पठन-पाठन शुरू करने जैसे कदम भी उठाए हैं। 15 जुलाई 2026 को राज्य के 211 नए डिग्री कॉलेजों में पठन-पाठन कार्य शुरू किया गया था।

स्मार्ट क्लास और एआई आधारित शिक्षा पर जोर

विद्यार्थियों को आधुनिक और तकनीक आधारित शिक्षा से जोड़ने के लिए ‘बिहार स्कूल लाइव क्लासेज’, स्मार्ट क्लास और एआई आधारित शिक्षण व्यवस्था को बढ़ावा देने की बात कही गई है। आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर देने के लिए जेईई और नीट की निःशुल्क तैयारी की व्यवस्था भी की गई है।

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शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर

सरकार की ओर से शिक्षा के बुनियादी ढांचे, शिक्षकों की नियुक्ति, मॉडल स्कूल, उच्च शिक्षा, डिजिटल शिक्षण और परीक्षा सुधार को लेकर अलग-अलग पहल की जा रही है। CM ने कहा है कि इन प्रयासों का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और भविष्य के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।

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